जागरण संवाददाता, गुरुग्राम। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को एनएसजी के मानेसर ट्रेनिंग सेंटर में नेशनल आईईडी डेटा मैनेजमेंट सिस्टम (NIDMS) का वर्चुअल शुभारंभ किया। इस अत्याधुनिक सिस्टम के माध्यम से आतंकवादी घटनाओं और IED विस्फोटों से जुड़े डेटा का वैज्ञानिक विश्लेषण पहले से अधिक तेज और सटीक तरीके से संभव हो सकेगा। शाह ने कहा कि यह सिस्टम देश की सुरक्षा के लिए डेटा कवच की तरह काम करेगा और जांच एजेंसियों को एक मजबूत तकनीकी प्लेटफॉर्म प्रदान करेगा।डेटा का होगा केंद्रीकरण गृह मंत्री ने बताया कि NIDMS के माध्यम से देशभर में बिखरे हुए विभिन्न प्रकार के डेटा को केंद्रीकृत कर एक ही प्लेटफॉर्म पर लाया जाएगा। इससे आतंकवादी घटनाओं की आपसी लिंकिंग का पता लगाना आसान होगा और जांच की गुणवत्ता के साथ-साथ गति भी बढ़ेगी।उन्होंने इसे 'वन नेशन, वन डेटा टेरिटरी' की दिशा में बड़ा कदम बताते हुए कहा कि अब सही सूचना सही समय पर एजेंसियों को उपलब्ध हो सकेगी, जिससे किसी भी घटना पर त्वरित और बेहतर प्रतिक्रिया मिल सकेगी। अमित शाह ने अपने संबोधन में एनएसजी की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि यह देश की ‘जीरो टेरर फोर्स’ है और हर चुनौती में खरा उतरते हुए देश के नागरिकों को सुरक्षा प्रदान करती है। यह भी पढ़ें- दिल्ली में TMC सांसदों का गृह मंत्रालय के बाहर प्रदर्शन, हिरासत में महुआ मोइत्रा और डेरेक ओ'ब्रायन हर खतरे से निपटने में सक्षम NSG उन्होंने कहा कि एनएसजी की 24×7 सक्रियता और उच्चस्तरीय प्रशिक्षण के कारण भारत हर तरह के आतंकी खतरे का मुकाबला करने में सक्षम है। बम डिस्पोज़ल और आतंकवाद निरोधक अभियानों में एनएसजी ने दुनिया में अपनी विशेष पहचान बनाई है।गृह मंत्री ने बताया कि एनएसजी के नेटवर्क को तेजी से विस्तार दिया जा रहा है। मुंबई, चेन्नई और कोलकाता जैसे बड़े शहरों में एनएसजी के नए सेंटर स्थापित किए गए हैं और अयोध्या में भी सेंटर शुरू किया जा रहा है।
Source: Dainik Jagran January 09, 2026 14:18 UTC