फर्स्ट ग्लोबल चैलेंज का विषय- ओशन अपॉर्च्युनिटीज‘फर्स्ट ग्लोबल चैलेंज' को रोबोटिक्स का ओलिंपिक माना जाता हैइसमें 193 देशों के 2000 से ज्यादा स्टूडेंट्स शामिल होंगेDainik Bhaskar Oct 10, 2019, 02:34 PM ISTमुंबई. दुबई में 24 से 27 अक्टूबर तक रोबोटिक्स ओलिंपिक ‘फर्स्ट ग्लोबल चैलेंज 2019’ होगा। भारत की ओर से इस प्रतियोगिता में हिस्सा लेने के लिए मुंबई की पांच स्कूली छात्राएं जाएंगी। इनकी उम्र 14 से 18 साल है। इन्हें एक ऐसा रोबोट बनाना है, जो महासागरों की सफाई कर सके।इस साल प्रतियोगिता का विषय समुद्री प्रदूषण पर केंद्रित है। इसका नाम ‘ओशन अपॉर्च्युनिटीज’ है। इसके माध्यम से लोगों को समुद्री जीवन बचाने के लिए जागरूक करने का प्रयास किया जाएगा। इसमें बताया जाएगा कि कैसे दुनिया की आबादी समुद्री जीवन को नकारात्मक रूप से प्रभावित करती है। प्रतियोगिता के लिए फंड रेजिंग का कार्य देख रही राधिका सेखसरिया ने बुधवार को कहा कि लड़कियों की हमारी पहली टीम हैं, जो रोबोटिक्स को बढ़ावा देने के लिए इस तरह के वैश्विक मंच पर जा रही है। रोबोट डिजाइन पर काम कर रहीं आरुषि शाह ने कहा कि ‘फर्स्ट ग्लोबल चैलेंज' को रोबोटिक्स का ओलिंपिक माना जाता है। इस प्रतियोगिता के लिए हमें ऐसा रोबोट बनाने के लिए कहा गया है, जो एक खास टास्क पूरा कर सके। हमें पूरी उम्मीद है कि हम जीतेंगे।‘हमारी बेटियां देश का मान बढ़ाएंगीं’राधिका के पिता रोहित सेखसरिया ने कहा कि हमारी बेटियां वैश्विक मंच पर देश का प्रतिनिधित्व करने वाली हैं। यह हम सभी माता-पिता के लिए खुशी की बात है। हमें उम्मीद है कि हमारी बेटियां देश का मान बढ़ाएंगीं।यह प्रतियोगिता का तीसरा संस्करणआरुषि रोबॉट डिजाइन के अलावा, इलेक्ट्रिक का काम भी देख रही हैं। वहीं, आयुषी नैयनान स्ट्रैट्जी और कंस्ट्रक्शन, जसमेहर कोचर प्रोग्रामिंग और लावण्य अय्यर रोबॉट निर्माण का काम कर रही हैं। रोबोटिक्स प्रतियोगिता फर्स्ट ग्लोबल चैलेंज तीसरा संस्करण है। इसमें 193 देशों के 2,000 से ज्यादा छात्राएं शामिल होने वाली हैं।
Source: Dainik Bhaskar October 10, 2019 04:57 UTC