जनकल्याण और विकास पर ध्यान: व्यापार को सहारा देना सरकार का काम, लेकिन व्यापार करने की जरूरत नहीं: PM - News Summed Up

जनकल्याण और विकास पर ध्यान: व्यापार को सहारा देना सरकार का काम, लेकिन व्यापार करने की जरूरत नहीं: PM


Hindi NewsBusinessSupporting Enterprises Is The Government's Responsibility, But There Is No Need To Do Business On Its Own: PMAds से है परेशान? बिना Ads खबरों के लिए इनस्टॉल करें दैनिक भास्कर ऐपजनकल्याण और विकास पर ध्यान: व्यापार को सहारा देना सरकार का काम, लेकिन व्यापार करने की जरूरत नहीं: PMनई दिल्ली 15 घंटे पहलेकॉपी लिंकप्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि देश में व्यापार को सहारा देना सरकार का काम है लेकिन उसे खुद व्यापार करने की जरूरत नहीं। प्राइवेटाइजेशन पर आयोजित एक वेबिनार में उन्होंने कहा कि सरकार का ध्यान सिर्फ जन कल्याण और विकास से जुड़ी परियोजनाओं पर ही रहना चाहिए। उन्होंने कहा है कि जब पब्लिक सेक्टर की कंपनियां बनाई गई थीं, तब वह समय कुछ और था और तब की जरूरत कुछ और थी।प्राइवेट कंपनियां लाती हैं निवेश और कामकाज के वैश्विक तौर-तरीकेमोदी ने कहा कि सरकार जब पब्लिक सेक्टर की कंपनियां बेचती है तो उसकी जगह प्राइवेट कंपनियां ले लेती हैं। प्राइवेट कंपनियां अपने साथ निवेश और कामकाज के वैश्विक तौर-तरीके लाती हैं। उन्होंने प्राइवेटाइजेशन को लेकर आयोजित वेबिनार में यह बात यूनियन बजट 2021-22 में घोषित बड़े सुधारों के बाबत कही।सरकार मॉनेटाइज और मॉडर्नाइज के मंत्र पर काम कर रही हैमोदी ने कहा कि सरकार मॉनेटाइज और मॉडर्नाइज के मंत्र पर काम कर रही है। उन्होंने कहा, ‘अगर पब्लिक सेक्टर की कंपनी किसी अहम रणनीतिक सेक्टर का हिस्सा है तो मैं उनकी जरूरत समझता हूं। यह सरकार की जिम्मेदारी है कि वह व्यापार को सहारा दे लेकिन उसको खुद व्यापार करने की जरूरत नहीं है।’पीएम ने कहा, सरकार के व्यापार करने के होते हैं बहुत नुकसानप्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार खुद व्यापार करे, कंपनियों की मालिक बनी रहे, आज के युग में न तो यह आवश्यक है, न ही यह संभव है। उन्होंने कहा, 'सरकार जब व्यापार करने लगती है तो उसके बहुत नुकसान होते हैं। फैसले लेने में दिक्कत होती है। सभी को आरोप और कोर्ट कचहरी का डर रहता है। इस कारण यह सोच रहती है कि जो चल रहा है चलने दो। ऐसी सोच के साथ व्यापार नहीं हो सकता।'सरकारी कंपनियां इसलिए नहीं चलानी कि वे विरासत में मिली हैंमोदी ने कहा कि पब्लिक सेक्टर की कई कंपनियां घाटे में हैं। कई कंपनियों को करदाताओं के पैसे से मदद दी जा रही है। मोदी ने कहा, 'बीमार पब्लिक सेक्टर कंपनियों को सहायता देने से इकोनॉमी पर बोझ पड़ता है। सरकारी कंपनियों को सिर्फ इसलिए नहीं चलाना चाहिए कि वे विरासत में मिली हैं।'बजट ने आर्थिक वृद्धि दर तेज करने का साफ रोडमैप दिया हैपीएम ने प्राइवेटाइजेशन पर आयोजित वेबिनार में बजट की तारीफ की। मोदी ने कहा कि उसने ग्रोथ में तेजी लाने की राह बनाई है। उन्होंने कहा, 'बजट ने आर्थिक वृद्धि दर तेज करने का साफ रोडमैप दिया है। उसमें देश के विकास में निजी क्षेत्र की मजबूत साझेदारी पर भी ध्यान दिया गया है। पब्लिक-प्राइवेट भागीदारी के मौके और मकसद को साफ किया गया है।'निजीकरण से नागरिकों के सशक्तिकरण में सहायता मिलेगीपीएम ने प्राइवेटाइजेशन पर आयोजित वेबिनार में बजट की तारीफ की। मोदी ने कहा कि उसमें ग्रोथ में तेजी लाने की राह बनाई गई है। उन्होंने कहा, 'बजट में आर्थिक वृद्धि दर तेज करने का साफ रोडमैप दिया गया है। देश के विकास में निजी क्षेत्र की मजबूत साझेदारी पर भी ध्यान दिया गया है। पब्लिक-प्राइवेट भागीदारी के मौके और मकसद को साफ किया गया है।'


Source: Dainik Bhaskar February 24, 2021 13:06 UTC



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