अमेरिका ने ईरान से कच्चा तेल खरीदने की जो छूट भारत को दी थी उसे एक मई से हटाने का एलान कर दिया है. ऐसे में ईरान से आयात पर रोक के बाद भारत को नए देशों से तेल के आयात का करार करना होगा जो महंगा सौदा साबित हो सकता है. पहले से ही ईरान से तेल का आयात घटा चुके भारत की मुश्किलें अमेरिकी पाबंदी से मिली छूट के ख़त्म होने के साथ बढ़ने वाली है. अमेरिकी प्रतिबंध से पहले ईरान से भारत करीब 25 मिलियन टन ईरान से ख़रीदता था. ईरान की पाबंदी के बाद जो उथल-पुथल मच सकती है, उससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तेल के दाम बढ़ सकते हैं.
Source: NDTV April 30, 2019 18:45 UTC