आंध्र प्रदेश में 13 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर लगेगी रोक, सरकार कर रही विचार - News Summed Up

आंध्र प्रदेश में 13 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर लगेगी रोक, सरकार कर रही विचार


अमरावती, 9 अप्रैल (आईएएनएस)। आंध्र प्रदेश सरकार 13 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के सोशल मीडिया उपयोग पर रोक लगाने के लिए एक व्यापक नियामक ढांचा तैयार करेगी। साथ ही किशोरों के लिए आयु-उपयुक्त डिजिटल वातावरण विकसित करने की दिशा में भी कदम उठाए जाएंगे।राज्य के शिक्षा, आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स मंत्री नारा लोकेश ने गुरुवार को एक उच्चस्तरीय मंत्रियों के समूह की बैठक में इस संबंध में कानून बनाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि यह कानून डिजिटल पहुंच, बच्चों की सुरक्षा, रचनात्मकता और मानसिक स्वास्थ्य के बीच संतुलन बनाए रखेगा।बैठक में मंत्री लोकेश ने 13 से 16 वर्ष के आयु वर्ग के लिए चरणबद्ध (ग्रेडेड) कंटेंट एक्सेस सिस्टम लागू करने पर जोर दिया, ताकि बच्चों को हानिकारक या अनुचित सामग्री से बचाया जा सके।सरकारी बयान के अनुसार, प्रस्तावित ढांचा वैश्विक मानकों के अनुरूप होगा। इसके लिए सिंगापुर, ऑस्ट्रेलिया और डेनमार्क जैसे देशों के मॉडल का अध्ययन कर भारत की जरूरतों के मुताबिक मजबूत कानूनी और तकनीकी व्यवस्था तैयार की जाएगी।नियमों के पालन के लिए सरकार सुरक्षित आयु सत्यापन (एज-वेरिफिकेशन) सिस्टम पर भी विचार कर रही है, जिसमें डिजिलॉकर से जुड़े “एज टोकन” का इस्तेमाल किया जा सकता है। इससे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म बिना गोपनीयता से समझौता किए यूजर्स की उम्र की पुष्टि कर सकेंगे।बैठक में मेटा, यूट्यूब, एक्स, शेयरचैट और जोश जैसे प्रमुख सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के प्रतिनिधियों ने भी हिस्सा लिया और मौजूदा सुरक्षा उपायों की जानकारी दी। उन्होंने राज्य सरकार के साथ मिलकर इन कदमों को लागू करने की इच्छा जताई।राज्य सरकार इस मुद्दे पर आम जनता से भी सुझाव लेगी और जो विषय केंद्र सरकार के अधिकार क्षेत्र में आते हैं, उन पर अपनी सिफारिशें केंद्र को भेजेगी, जिससे भविष्य में राष्ट्रीय स्तर पर नीति बनाने का रास्ता तैयार हो सके।मंत्री लोकेश ने कहा कि महिलाओं के खिलाफ अपमानजनक या नफरत फैलाने वाले कंटेंट पोस्ट करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। आईटी एक्ट की धारा 46 के तहत प्रवर्तन को मजबूत करने और जल्द से जल्द निर्णायक अधिकारियों की नियुक्ति के निर्देश दिए गए हैं।सरकार ने यह भी माना कि सिर्फ नियम बनाना पर्याप्त नहीं है, इसलिए राज्यभर में बड़े स्तर पर जागरूकता अभियान चलाए जाएंगे। स्कूलों में ‘नो बैग डे’ के दौरान डिजिटल सुरक्षा पर शिक्षा, मेगा पीटीएम के जरिए अभिभावकों और छात्रों को जागरूक करना, और स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से महिलाओं को साइबर सुरक्षा की जानकारी देना इसमें शामिल होगा।इस पहल का उद्देश्य नियामक उपायों के साथ-साथ डिजिटल साक्षरता बढ़ाना है, ताकि बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।अस्वीकरण: यह न्यूज़ ऑटो फ़ीड्स द्वारा स्वतः प्रकाशित हुई खबर है। इस न्यूज़ में BhaskarHindi.com टीम के द्वारा किसी भी तरह का कोई बदलाव या परिवर्तन (एडिटिंग) नहीं किया गया है| इस न्यूज की एवं न्यूज में उपयोग में ली गई सामग्रियों की सम्पूर्ण जवाबदारी केवल और केवल न्यूज़ एजेंसी की है एवं इस न्यूज में दी गई जानकारी का उपयोग करने से पहले संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञों (वकील / इंजीनियर / ज्योतिष / वास्तुशास्त्री / डॉक्टर / न्यूज़ एजेंसी / अन्य विषय एक्सपर्ट) की सलाह जरूर लें। अतः संबंधित खबर एवं उपयोग में लिए गए टेक्स्ट मैटर, फोटो, विडियो एवं ऑडिओ को लेकर BhaskarHindi.com न्यूज पोर्टल की कोई भी जिम्मेदारी नहीं है|


Source: Dainik Bhaskar April 10, 2026 00:14 UTC



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