अग्निकांड: चूल्हे की आग प्लास्टिक शीट में लगी, 55 मिनट में 80 झुग्गियां जलीं - News Summed Up

अग्निकांड: चूल्हे की आग प्लास्टिक शीट में लगी, 55 मिनट में 80 झुग्गियां जलीं


Hindi NewsLocalChandigarhPanchkulaThe Fire Of A Stove Was Burnt In A Plastic Sheet, 80 Slums Burnt In 55 MinutesAds से है परेशान? बिना Ads खबरों के लिए इनस्टॉल करें दैनिक भास्कर ऐपअग्निकांड: चूल्हे की आग प्लास्टिक शीट में लगी, 55 मिनट में 80 झुग्गियां जलींपंचकूला 8 घंटे पहलेकॉपी लिंकसकेतड़ी गांव के पास बसी हुई 80 झुग्गियां जलकर राख हो गई। गनीमत रही कि कोई जानी नुकसान नहीं हुआ।समय पर फायर ब्रिगेड आती तो सड़क किनारे झुग्गियों को जलने से बचाया जा सकता थाशनिवार 14 नवंबर को एक ओर शहर के लोग दिवाली की तैयारी में जुटे हुए थे और दूसरी ओर चूल्हे की आग की चिंगारी में सकेतड़ी गांव के पास बसी हुई 80 झुग्गियां जलकर राख हो गई। गनीमत रही कि कोई जानी नुकसान नहीं हुआ। आग शनिवार दोपहर 3 बजे लगी और देखते देखते 55 मिनट में 80 झुग्गियां राख में तब्दील हो गईं।आग लगने के दौरान झुग्गी में रहने वाले लोगों ने अपने घरवालों को बाहर निकाला और आग की लपटों से कुछ सामान ही बचा पाए। आग बुझाने के लिए 7 फायर ब्रिगेड का इस्तेमाल किया गया। जिसने 33 राउंड लगाकर करीब डेढ़ घंटे में आग पर काबू पाया। आग की लपटों में 2 सिलेंडर ब्लास्ट हुए, लेकिन उसकी वजह से किसी व्यक्ति को कोई नुकसान नहीं पहुंचा।झुग्गियों में खाना बनाने के लिए रखे बाकी 4 सिलेंडर लोगों ने समय रहते निकाल लिए थे। झुग्गियों में उत्तर प्रदेश के बदायूं जिला के 30 परिवार के करीब 200 लोग रहते थे जो शहर में करीब 10 साल से ज्यादा समय से रह रहे हैं और यहां पर ही मजदूरी का काम कर रहे हैं।मौके पर मौजूद चश्मदीदों ने बताया कि झुग्गी बस्ती में रहने वाला लटोरी घर में चूल्हे पर खाना बन रहा था और उसकी आग झुग्गी के प्लास्टिक शीट में लगी और देखते ही देखते उस आग की चपेट में 80 झुग्गियां आ गई। यही नहीं झुग्गी में रहने वाले लोगों ने दिवाली को लेकर लकड़ियां इकट्ठी कर रखी हुई थी और उसकी वजह से आग तेजी से फैलने लगी और झुग्गियां जलकर राख हो गई।झुग्गी में रहने वाला सोनू सकेतड़ी गवर्नमेंट सीनियर सेकंडरी स्कूल में 12वीं क्लास में पढ़ता है। सोनू ने बताया कि आग दोपहर 3 बजे लगी और उसने अपने दोस्त के मोबाइल से फायर विभाग को 3.16 पर मामले की सूचना दे दी थी। सोनू ने बताया कि फायर ब्रिगेड वाले शाम करीब 4 बजे आए। अगर वह समय पर आ जाते तो सड़क के किनारे झुग्गियों को जलने से बचाया जा सकता था, लेकिन फायर विभाग की लापरवाही से सभी झुग्गियां जलकर राख हो गईं।आरोप- समय पर नहीं पहुंची फायर ब्रिगेडआग बुझाने के लिए समय पर फायर विभाग की ओर से फायर ब्रिगेड नहीं भेजे जाने का आरोप लोगों की ओर से लगाया जा रहा है। मौके पर भेजी गई फायरब्रिगेड में किसी का नोजल खराब पाया गया तो किसी का रील ही नहीं खुला। ऐसे में आग बुझाने में काफी देरी हुई। हालांकि इसके बावजूद फायर ऑफिसर पंकज पराशर की ओर से समय से आग पर काबू पाए जाने का दावा किया गया।फायर विभाग के पास कुल 8 गाड़ियां थी और उसकी क्षमता 2 हजार से 10 हजार लीटर तक है। बड़ी बात यह है कि 8 में से 2 गाड़ियां खराब हैं और बाकी में किसी का नोजल ठीक से काम नहीं कर रहा तो किसी के रील में लीकेज की वजह से पानी का प्रेशर नहीं बन पाता।डेढ़ घंटे बाद मौके पर पहुंचे फायर ऑफिसरसकेतड़ी में झुग्गियों में आग लगने की सूचना मिलने के करीब डेढ़ घंटे के बाद 5 बजे फायर ऑफिसर पंकज पराशर मौके पर पहुंचे। ऐसे में सवाल यह उठता है कि अगर फायर ऑफिसर ही लापरवाही बरतेंगे तो विभाग के बाकी कर्मचारी क्या करेंगे। जगाधरी के फायर ऑफिसर पंकज पराशर को पंचकूला के फायर ऑफिसर का एडिशनल चार्ज दिया गया।हालांकि पंचकूला के फायर ऑफिसर पंकज पराशर का दावा है कि वह आग लगने की जगह पर समय से पहुंचे थे।


Source: Dainik Bhaskar November 16, 2020 00:11 UTC



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