सर्वे: आमने-सामने बात करने में युवाओं को होती है मुश्किल, मैसेज करना पहली पसंद - News Summed Up

सर्वे: आमने-सामने बात करने में युवाओं को होती है मुश्किल, मैसेज करना पहली पसंद


Hindi NewsLocalChandigarhYouth Find It Difficult To Talk Face To Face, Messaging Is The First ChoiceAds से है परेशान? बिना Ads खबरों के लिए इनस्टॉल करें दैनिक भास्कर ऐपसर्वे: आमने-सामने बात करने में युवाओं को होती है मुश्किल, मैसेज करना पहली पसंदचंडीगढ़ 8 घंटे पहलेकॉपी लिंकइस टीम ने किया है सर्वे।लॉकडाउन के बाद स्टूडेंट्स की बदली आदतों पर स्टूडेंट्स ने ही किया सर्वे, 970 युवाओं से सवाल-जवाब कर जाना कि क्या बदलाव आया है...(गौरव भाटिया) कोविड-19 से लगे लॉकडाउन का असर आम आदमी के साथ ही स्कूल स्टूडेंट्स पर भी पड़ा, क्योंकि स्कूल बंद रहे और पढ़ाई ऑनलाइन हुई। इन सबके बीच स्टूडेंट्स की आदतें भी बदल गईं। इन्हीं बदल चुकी आदतों को जानने के लिए शहर के स्टूडेंट्स ने दो सर्वे किए।अपनी ही उम्र के स्टूडेंट्स पर किए गए इस सर्वे को यूजीसी केयर जनरल और इंटरनेशनल जनरल ऑफ रिसर्च इन सोशल साइंसेज में छापा है। सेंट कबीर स्कूल में चल रही एजुसेंसे नाम की संस्था की पुनीता वढेरा और कार्मल कॉन्वेंट में टीचर मीनाक्षी जिंदल की गाइडेंस में यह सर्वे हुआ जो कि पूरी तरह से ऑनलाइन रहा।65% करीबियों के घर नहीं जाना चाहते...स्ट्रॉबेरी फील्ड्स स्कूल सेक्टर 26 की स्टूडेंट अनुरीत, अनहत सिंह और लर्निंग पाथ स्कूल की एकमप्रीत कौर ने सर्वे में यह जाना कि कैसे युवाओं में ऑनलाइन मैसेजिंग बढ़ती जा रही है और फेस टू फेस कम्युनिकेशन कम हो रही है। सर्वे में यह पाया गया कि 80 फीसदी स्टूडेंट्स ऑनलाइन मैसेजिंग को महत्व देते हैं, जबकि फेस टू फेस कम्युनिकेशन करना उन्हें मुश्किल लगता है। यह सर्वे 9वीं से 12वीं के 570 स्टूडेंट्स पर किया गया।90% स्टूडेंट्स को एब्रिविएशन में लिखे मैसेज समझ आ जाते हैं।65% अपने पेरेंट्स के साथ उनके फ्रेंड्स या फैमिली मेंबर्स के घर नहीं जाना चाहते, क्योंकि उन्हें ऐसे लोगों से मिलना पसंद नहीं।84% स्टूडेंट्स का मानना है कि अगर अच्छी खबर है तो वे पेरेंट्स को मिलकर बताते हैं और बुरी हो तो मैसेज के जरिए बता देते हैं।88% स्टूडेंट्स का मानना है कि फेस टू फेस कम्युनिकेशन के मुकाबले मैसेज का फायदा यह है कि उन्हें पूछी गई बात का उसी समय जवाब नहीं देना। वे जब मर्जी तब जवाब दे सकते हैं।95% ने कहा कि मैसेजिंग का फायदा यह है कि उसका प्रूफ रहता है और भविष्य में अगर कोई मुकर जाए तो वह ये दिखा देते हैं कि उन्होंने मैसेज में ऐसा लिखा था।86% ने कहा कि मैसेज इसलिए प्रेफर करते हैं, क्योंकि उसे जब चाहे भेज दो और जब सामने वाले का पास समय होगा, तब वह उसे पढ़ लेगा।ऑनलाइन फूड का पढ़ाई के साथ कनेक्शन...कार्मल कॉन्वेंट स्कूल से 10वीं कर चुकी और लर्निंग पाथ स्कूल से 11वीं कर रही सान्या गोयल ने अपने सर्वे में पाया कि कैसे ऑनलाइन फूड ऑर्डर करने और उसके पढ़ाई के साथ रिलेशन का कनेक्शन बढ़ गया है। सर्वे में पूछे गए सवालों से यह पता लगा कि जो स्टूडेंट्स पढ़ाई में एक्टिव हैं, वे ऑनलाइन फूड कम ऑर्डर करते हैं। 10वीं से 12वीं के 400 से ज्यादा स्टूडेंट्स पर यह सर्वे किया गया।


Source: Dainik Bhaskar November 16, 2020 00:00 UTC



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