स्पोर्ट्स डेस्क, नई दिल्ली। बांग्लादेश के सीनियर असिस्टेंट कोच मोहम्मद सलाहुद्दीन ने पूर्व खेल सलाहकार आसिफ नजरुल की कड़ी आलोचना की। उन्होंने दावा किया है कि बांग्लादेश के टी20 विश्व कप में न खेलने के बाद दो क्रिकेटर मानसिक रूप से कोमा में चले गए थे।नजरुल ने सुरक्षा चिंताओं का हवाला देते हुए बांग्लादेश टीम को भारत नहीं भेजने का फैसला लिया था। ऐसे में बांग्लादेश टीम को टी20 विश्व कप 2026 से बाहर कर दिया गया था। उनकी जगह स्कॉटलैंड को ग्रुप सी में शामिल किया गया था।पहली बार नहीं खेली टी20 विश्व कप यह पहली बार हुआ कि बांग्लादेश मेंस टीम टी20 विश्व कप में भाग लेने से चूक गया। 23 फरवरी से शुरू होने वाली बांग्लादेश क्रिकेट लीग से पहले पत्रकारों से बात करते हुए सलाहुद्दीन ने नजरुल की आलोचना करते हुए कहा कि उन्होंने युवा खिलाड़ियों के सपनों को चकनाचूर कर दिया है।पल भर में तोड़ दिया सपना सलाहुद्दीन ने कहा, "जब कोई प्लेयर विश्व कप खेलने जाता है, तो वह अपना सपना यहां लेकर जाता है। आप उस सपने को एक पल में तोड़ देते हैं। अगर यह किसी देश का राष्ट्रीय कारणों से लिया गया निर्णय है, तो वे देश के लिए बलिदान देंगे। लेकिन अगर आप नुकसान की बात करते हैं, तो मैं केवल व्यक्तिगत नुकसान की बात करूंगा।"कोमा में चले गए थे प्लेयर सलाहुद्दीन ने कहा, "आपने एक लड़के के सपने को पूरी तरह खत्म कर दिया। मुझे पता है कि मेरे दो खिलाड़ी पांच दिनों तक मानसिक रूप से एक तरह के कोमा में चले गए थे, पूरी तरह से खो गए थे। इस टूर्नामेंट में उन्हें मैदान पर वापस लाना अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि है।"बयान से पलटे नजरुल सलाहुद्दीन ने झूठे दावे करने और अपने बयान से पलटने के लिए आसिफ नजरुल पर जमकर हमला बोला। शुरुआत में आसिफ नजरुल ने कहा था कि बांग्लादेश सरकार का फैसला था कि टीम भारत में अपने मैच नहीं खेलेगी। बाद में कहा कि मेगा इवेंट में भाग न लेने का निर्णय वास्तव में बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (बीसीबी) और खिलाड़ियों का सामूहिक था।