khelo india youth games: खेलो इंडिया की तर्ज पर हर वर्ष ‘खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स’ आयोजित होंगे : मोदी - modi will organize 'khelo india university games' every year on the lines of khelo india - News Summed Up

khelo india youth games: खेलो इंडिया की तर्ज पर हर वर्ष ‘खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स’ आयोजित होंगे : मोदी - modi will organize 'khelo india university games' every year on the lines of khelo india


प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ‘खेलो इंडिया’ की मेजबानी के लिए असम सरकार और प्रदेश के लोगों को बधाई दी और इसमें 56 रेकॉर्ड तोड़ने वाली बालिकाओं को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय खेल प्रतियोगिता के माध्यम से जहां खिलाड़ियों को अपना जज्बा दिखाने का मौका मिलता है वहीं वे दूसरे राज्यों की संस्कृति से भी रूबरू होते हैं। इसलिए हमने ‘ खेलो इंडिया युवा खेल’ की तर्ज पर ही हर वर्ष ‘ खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स ’ भी आयोजित करने का निर्णय लिया है।प्रधानमंत्री ने ‘मन की बात’ कार्यक्रम में अपने संबोधन में कहा, ‘मैं असम की सरकार और असम के लोगों को ‘खेलो इंडिया’ की शानदार मेज़बानी के लिए बहुत-बहुत बधाई देता हूँ । 22 जनवरी को ही गुवाहाटी में तीसरे ‘खेलो इंडिया’ प्रतियोगिता का समापन हुआ है । इसमें विभिन्न राज्यों के लगभग छह हजार खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया।’उन्होंने कहा कि खेलों के इस महोत्सव के अंदर 80 रेकॉर्ड टूटे और मुझे गर्व है कि जिनमें से 56 रेकॉर्ड तोड़ने का काम हमारी बेटियों ने किया है। ये सिद्धि, बेटियों के नाम हुई है। उन्होंने कहा कि वह सभी विजेताओं, इसमें हिस्सा लेने वाले सभी प्रतिभागियों को बधाई देते हैं। साथ ही ‘खेलो इंडिया प्रतियोगिता’ के सफल आयोजन के लिए इससे जुड़े सभी लोगों, प्रशिक्षकों और तकनीकी अधिकारियों का आभार व्यक्त करते हैं। उन्होंने कहा कि यह हम सबके लिए बहुत ही सुखद है कि साल-दर-साल ‘खेलो इंडिया प्रतियोगिता में खिलाड़ियों की भागीदारी बढ़ रही है। यह बताता है कि स्कूली स्तर पर बच्चों में खेल के प्रति झुकाव कितना बढ़ रहा है।मोदी ने कहा, ‘मैं आपको बताना चाहता हूँ, कि 2018 में, जब ‘खेलो इंडिया प्रतियोगिता’ की शुरुआत हुई थी, तब इसमें पैंतीस-सौ खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया था, लेकिन महज़ तीन वर्षों में खिलाड़ियों की संख्या छह हज़ार से अधिक हो गई है, यानी करीब-करीब दोगुनी।’उन्होंने कहा कि इतना ही नहीं, सिर्फ तीन वर्षों में ‘खेलो इंडिया प्रतियोगिता’ के माध्यम से, बत्तीस-सौ प्रतिभाशाली बच्चे उभर कर सामने आए हैं। इनमें से कई बच्चे ऐसे हैं जो अभाव और गरीबी के बीच पले-बढ़े हैं।प्रधानमंत्री ने कहा कि ‘खेलो इंडिया प्रतियोगिता’ में शामिल होने वाले बच्चों और उनके माता-पिता के धैर्य और दृढ़ संकल्प की कहानियां ऐसी हैं जो हर हिन्दुस्तानी को प्रेरणा देगी। उन्होंने इस संदर्भ में गुवाहाटी की पूर्णिमा मंडल का जिक्र करते हुए कहा कि गुवाहाटी नगर निगम में एक सफाई कर्मचारी हैं, लेकिन उनकी बेटी मालविका ने जहां फुटबॉल में दम दिखाया, वहीं उनके एक बेटे सुजीत ने खो-खो में, तो दूसरे बेटे प्रदीप ने, हॉकी में असम का प्रतिनिधित्व किया।प्रधानमंत्री ने तमिलनाडु में बीड़ी बनाने का कार्य करने वाले योगानंथन का जिक्र जिनकी बेटी पुर्णाश्री ने भरोत्तोलन का गोल्ड मेडल हासिल किया। उन्होंने कहा कि जब वह डेविड बेकहम का नाम लेंगे तो लोग कहेंगे मशहूर अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल खिलाड़ी हैं लेकिन अब अपने पास भी एक डेविड बेकहम है और उसने, गुवाहाटी के युवा खेल में स्वर्ण पदक जीता है। वह भी साइक्लिंग स्पर्धा के 200 मीटर में। उन्होंने भिवानी के प्रशांत सिंह कन्हैया ने ‘पोल वोल्ट’ स्पर्धा में अपना ही राष्ट्रीय रेकॉर्ड तोड़ने का काम किया। 19 साल के प्रशांत एक किसान परिवार से हैं। उन्होंने मुंबई की करीना शान्क्ता का भी जिक्र किया।


Source: Navbharat Times January 26, 2020 14:25 UTC



Loading...
Loading...
  

Loading...

                           
/* -------------------------- overlay advertisemnt -------------------------- */