हाइलाइट्स कमलेश तिवारी हत्याकांड के आरोपियों के बैग और भगवा कुर्ते एक होटल से बरामद हुए हैंहोटल मालिक के पास से आरोपियों की आईडी भी मिली है, इस आईडी पर नाम दर्ज है और पता सूरत का हैबताया जा रहा है कि आरोपी इसी होटल में रुके थे, यहीं से भगवा कपड़ा पहन कमलेश तिवारी से मिलने पहुंचेइस नृशंस हत्याकांड में अब तक छह गिरफ्तारियां हो चुकी हैं जबकि तीन अन्य की तलाश जारी हैहोटल से बरामद कुर्ताकमलेश तिवारी हत्याकांड में यूपी के डीजीपी ने बताया कैसे रची गई साजिशभगवा कुर्ते के साथ बैग बरामदहिंदूवादी नेता कमलेश तिवारी हत्याकांड में एक बड़ा सबूत हाथ लगा है। लखनऊ स्थित होटल खालसा से कुछ सामान बरामद हुए हैं जिनमें एक बैग और खून लगे भगवा एवं लाल कुर्ते हैं। फिलहाल पुलिस के साथ फरेंसिक टीम होटल पहुंचकर प्राप्त सामानों की जांच कर रही है। होटल मालिक के पास से आरोपियों की आईडी भी मिली है, जिस पर नाम के साथ सूरत का पता दर्ज है।बताया जा रहा है कि आरोपी इसी होटल में रुके थे। यहीं से भगवा कपड़ा पहनकर वे कमलेश तिवारी से मिलने पहुंचे थे। हत्या के बाद आरोपी दोबारा फिर इस होटल में आए। यहां कपड़ा बदला और फरार हो गए। एसटीएफ सबूत जुटाने में लगी है।उधर, सीएम योगी आदित्यनाथ से सीएम आवास पर कमलेश तिवारी के घरवाले ने मुलाकात की। मुलाकात के बाद कमलेश की पत्नी किरण तिवारी ने कहा, 'मुझे उन्होंने (योगी आदित्यनाथ) ने भरोसा दिलाया है कि इंसाफ जरूर मिलेगा। हमलोगों ने हत्यारे की उम्रकैद की मांग की है। सीएम ने कहा है कि उन्हें कड़ी सजा मिलेगी।कमलेश के परिवार ने कमलेश के बड़े बेटे को नौकरी एवं आर्थिक मदद की मांग की है। परिवार ने लखनऊ में एक आवास, हत्या की एनआईए जांच, घटना के बाद परिवारीजनों और अन्य लोगों पर लाठीचार्ज की न्यायिक जांच, हिरासत में लिए गए हिंदूवादी कार्यकर्ताओं की तुरंत रिहाई और 24 घंटे में परिवार को सुरक्षा और शस्त्र लाइसेंस की भी मांग की है।गुजरात एटीएस ने हत्या में शामिल तीन साजिशकर्ताओं को गिरफ्तार कर खुलासा किया है कि कट्टरपंथी मुसलमानों ने वर्ष 2015 में कमलेश तिवारी द्वारा दिए गए भड़काऊ बयान के कारण इस खौफनाक घटना को अंजाम दिया है। हत्या में शामिल अशफाक, मोइनुद्दीन पठान उर्फ फरीदी एवं एक अन्य फरार है। इसके अलावा गुजरात एटीएस ने तीन अन्य को भी हिरासत में लिया था, जिन्हें पूछताछ के बाद छोड़ दिया गया।डीजीपी ओपी सिंह का कहना है सोशल मीडिया पर कमलेश तिवारी की हत्या की जिम्मेदारी लेने वाले तथाकथित संगठन अल-हिंद का वारदात से अब तक कोई कनेक्शन सामने नहीं आया है। गुजरात में पकड़े गए आईएसआईएस के दो संदिग्धों उबेद अहमद मिर्जा और मोहम्मद कासिम टिंबरवाला का भी वारदात से कोई कनेक्शन साबित नहीं हुआ है।
Source: Navbharat Times October 20, 2019 05:37 UTC