electric vehicle toll: इलेक्ट्रिक गाड़ियों को टोल रेट में मिलेगी रियायत! - electric vehicle to get relief on toll rate! - News Summed Up

electric vehicle toll: इलेक्ट्रिक गाड़ियों को टोल रेट में मिलेगी रियायत! - electric vehicle to get relief on toll rate!


इलेक्ट्रिक गाड़ियों के लिए रियायती टोल रेट रखने पर सरकार विचार कर रही है। सरकार देश में पर्यावरण के लिहाज से अनुकूल सॉल्यूशंस को अपनाए जाने को प्रोत्साहन देना चाहती है। मामले से वाकिफ अधिकारियों ने बताया कि रोड ट्रांसपॉर्ट ऐंड हाइवेज मिनिस्ट्री एक नई टोल पॉलिसी पर काम कर रही है, जिसमें इलेक्ट्रिक गाड़ियों के लिए रियायती दर रखी जा सकती है। मिनिस्ट्री इन गाड़ियों के लिए टोल माफ करने या 50 प्रतिशत तक डिस्काउंट देने का निर्णय कर सकती है।सरकार देश में इलेक्ट्रिक गाड़ियों को बढ़ावा देना चाहती है। हाल में इलेक्ट्रिक वीइकल्स पर गुड्स ऐंड सर्विसेज टैक्स भी घटाया गया था। ट्रांसपॉर्ट मिनिस्टर नितिन गडकरी ने हाल में कहा था कि सरकार इलेक्ट्रिकल वीइकल को पूरी तरह से अपनाए जाने की कोई डेडलाइन तय नहीं करेगी और यह काम स्वाभाविक तौर पर आने वाले समय में हो जाएगा। नैशनल हाइवेज अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) ने विचार-विमर्श के लिए ड्राफ्ट पॉलिसी को नोडल मिनिस्ट्री यानी रोड ट्रांसपॉर्ट ऐंड हाइवेज मिनिस्ट्री के पास भेजा है। एक अधिकारी ने ईटी को बताया, 'NHAI ने टोल पॉलिसी में कई सुझाव दिए हैं। टोल रेट से छूट इनमें से एक है।'हाइवेज मिनिस्ट्री ने NHAI के साथ मिलकर ड्राफ्ट टोल पॉलिसी तैयार करने के लिए बोस्टन कंसल्टेंसी ग्रुप (BCG) को हायर किया था। यह पॉलिसी देश में टोल सिस्टम में बड़ा बदलाव लाएगी। एक दूसरे सरकारी अधिकारी ने बताया कि NHAI ने इलेक्ट्रिक वीइकल्स से टोल नहीं वसूले जाने का सुझाव दिया है, लेकिन ऐसा करने पर NHAI के राजस्व पर असर पड़ेगा और प्राइवेट कंसेशनेयर्स इस लॉस के लिए हाइवेज बनाने वाली अथॉरिटी से कंपनसेशन की मांग कर सकते हैं। अधिकारी ने कहा, 'कुछ रियायत देना बेहतर विकल्प है ताकि NHAI के राजस्व पर ज्यादा असर न पड़े।'एक तीसरे अधिकारी ने कहा, 'ड्राफ्ट टोल पॉलिसी में NHAI ने सुझाव दिया है कि इलेक्ट्रिक वीइकल्स को टोल रेट में 50 प्रतिशत रियायत दी जानी चाहिए ताकि सरकार लोगों को ये गाड़ियां खरीदने के लिए प्रोत्साहित कर सके।' उन्होंने कहा, 'यह रियायत पॉलिसी की घोषणा होने के बाद शुरुआती पांच वर्षों तक लागू रहेगी।'एक अधिकारी ने बताया कि इलेक्ट्रिक वीइकल्स पर कन्सेशन को FASTags के जरिए ही दिया जाएगा। सरकार ने फास्टैग के जलरिए इलेक्ट्रॉनिक टोल कलेक्शन पहली दिसंबर से अनिवार्य किया है। इसके पीछे मकसद टोल प्लाजा पर जाम की स्थिति बनने से रोकना है। अब तक राष्ट्रीय राजमार्गों पर 522 टोल प्लाजा में से करीब 80 प्रतिशत पर सभी लेन में ई-टोलिंग की सुविधा शुरू कर दी गई है। NHAI हर प्लाजा की हर लेन में यह सुविधा दिसंबर तक तैयार करने की दिशा में काम कर रहा है।


Source: Navbharat Times October 11, 2019 06:51 UTC



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