congress kolkata violence: पश्चिम बंगाल हिंसा: EC की कार्रवाई पर कांग्रेस, माया ने उठाए सवाल, बीजेपी भी गई आयोग - west bengal violence opposition questions election commission - News Summed Up

congress kolkata violence: पश्चिम बंगाल हिंसा: EC की कार्रवाई पर कांग्रेस, माया ने उठाए सवाल, बीजेपी भी गई आयोग - west bengal violence opposition questions election commission


बंगाल में हिंसा: EC ने लिया ऐक्शन, चुनाव प्रचार के लिए की एक दिन की कटौतीXXकोलकाता में भारतीय जनता पार्टी अध्यक्ष अमित शाह के रोड शो के दौरान हुई हिंसा के बाद चुनाव आयोग की कार्रवाई पर विपक्ष हमलावर हो गया है। विपक्ष का आरोप है कि आयोग ने बीजेपी को फायदा पहुंचाने के इरादे से चुनाव प्रचार एक दिन कम करने का फैसला किया है। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि प्रचार अभियान को ऐसे वक्त पर खत्म करने का निर्देश दिया गया जिससे पीएम नरेंद्र मोदी की रैलियों को इजाजत मिल सके। बीएसपी चीफ मायावती ने भी आयोग पर सवाल उठाते हुए कहा था कि ममता को जानबूझकर टारगेट किया जा रहा है। उधर, बीजेपी ने चुनाव आयोग से मिलकर कहा कि बंगाल हिंसा में मामले में और कार्रवाई की जरूरत है।सुरजेवाला ने दावा किया कि कांग्रेस ने नरेंद्र मोदी और अमित शाह के आचार संहिता का उल्लंघन करने की कम से कम 11 शिकायतें की थीं।कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने आचार संहिता को 'मोदी कोड ऑफ मिस कंडक्ट' कहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग ने इन शिकायतों पर कोई कार्रवाई नहीं की। सुरजेवाला ने कहा, 'क्या MCC, जो पहले 'मॉडल कोड ऑफ कंडक्ट था', अब 'मोदी कोड ऑफ मिसकंडक्ट' हो गया है? जो बीजेपी के राजनीतिक विरोधियों पर लागू होगा और पीएम और बाकी बीजेपी नेताओं को संरक्षण देगा।' कांग्रेस ने सवाल किया, 'चुनाव आयोग ने प्रचार अभियान को गुरुवार रात 10 बजे के बाद रोकने का आदेश देने में देरी क्यों की? क्या आयोग के आदेश का मकसद यह नहीं था कि पीएम की मथुरापुर और दमदम में आज (गुरुवार) शाम को होने वाली दो जनसभाओं को इजाजत दी जा सके? 'बीजेपी ने भी पश्चिम बंगाल में पार्टी अध्यक्ष अमित शाह के रोड शो के दौरान हुई हिंसा पर आज चुनावा आयोग से मुलाकात की और ममता बनर्जी पर कार्रवाई की मांग की है। प्रकाश जावड़ेकर, मुख्तार अब्बास नकवी ने आयोग से मिलने के बाद कहा, 'राज्य की सीएम हमारे अध्यक्ष अमित शाह को गुंडा कहती हैं। यह कैसी सभ्यता और मर्यादा है। हमने चुनाव आयोग से उनपर तुरंत कार्रवाई की मांग की है। हमने मांग की है कि हिस्ट्रीशीटर लोगों को चुनाव के एक दिन पहले हिरासत में लिया जाए तभी चुनाव शांतिपूर्ण होगा। पूरे देश में चुनाव हुआ, बहुत जगह शांति से हुआ। टीएमसी केवल पश्चिम बंगाल में है केवल वहीं हिंसा हो रही है।'सुरजेवाला ने नमो टीवी को बैन नहीं करने पर चुनाव आयोग ने सवाल उठाया। उन्होंने कहा, 'देश देख रहा है कि कैसे चुनाव आयोग ने कई शिकायतों के बाद भी नमो टीवी प्रॉपेगैंडा को बैन नहीं किया है, जो बीजेपी की मशीन है।' उन्होंने आरोप लगाया कि पीएम नरेंद्र मोदी ने चुनाव आयोग का सरेआम मजाक उड़ाया और बीजेपी खुलेआम पैसों की नुमाइश कर रही है लेकिन आयोग ने न कोई प्रतिक्रया दी और न ही कार्रवाई की।कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि बीजेपी ने 14 मई को पश्चिम बंगाल में जो हिंसा की उसके लिए आयोग को बीजेपी अध्यक्ष और दूसरे नेताओं के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए थी। जिस तरह से पंडित ईश्वरचंद्र विद्यासगर की मूर्ति को तोड़ा गया उससे पूरे देश को झटका लगा है। उन्होंने कहा कि इससे यह दिखता है कि बीजेपी के मन में देश के सांस्कृतिक आइडल्स के लिए कितना सम्मान है। उन्होंने आरोप लगाया कि बजाय कार्रवाई करने के आयोग ने प्रचार को खत्म करने का निर्देश दिया ताकि पीएम की रैलियां हो सकें। उन्होंने सवाल किया कि क्या आयोग बीजेपी मुख्यालय से निर्देश ले रहे हैं।इससे पहले मायावती ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके कहा कि पश्चिम बंगाल में हिंसा के जिम्मेदार बीजेपी और आरएसएस हैं। उन्होंने कहा, 'बंगाल में चुनावी हिंसा और बवाल का सवाल है तो वहां ऐसा साफ तौर पर ऐसा लगता है कि हिंसा जानबूझकर आरएसएस और बीजेपी की ओर से करवाई गई है।' बीएसपी प्रमुख ने कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी और उनके चेले अमित शाह के नेतृत्व में सोची समझी रणनीति के तहत ममता को लंबे समय से टारगेट किया जा रहा है। अब लोकसभा चुनाव में भी ममता बनर्जी को षड्यंत्र के तहत टारगेट कर रहे हैं ताकि बीजेपी अपनी विफलताओं से लोगों का ध्यान हटा सकें। उन्होंने कहा कि गुरु (मोदी) और चेले (अमित शाह) हाथ धोकर ममता के पीछे पड़े हैं जो न्याय संगत नहीं है।


Source: Navbharat Times May 16, 2019 05:33 UTC



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