akash vijayvargiya municipal official assault: PM मोदी की नाराजगी के बाद आकाश विजयवर्गीय को कारण बताओ नोटिस दे सकती है BJP - bjp likely to served show cause notice to akash vijayvargiya - News Summed Up

akash vijayvargiya municipal official assault: PM मोदी की नाराजगी के बाद आकाश विजयवर्गीय को कारण बताओ नोटिस दे सकती है BJP - bjp likely to served show cause notice to akash vijayvargiya


हाइलाइट्स बीजेपी के 'बैटमार' विधायक आकाश विजयवर्गीय को नगर निगम कर्मचारियों की पिटाई करने पर पीएम मोदी नाराजआकाश के खिलाफ सख्त ऐक्शन की तैयारी, विधायक को कारण बताओ नोटिस जारी करने की तैयारी में बीजेपीसूत्रों का कहना है कि पार्टी सार्वजनिक स्थल पर दुर्व्यवहार करने पर आकाश को नोटिस दे सकती है, कार्रवाई भी संभवआकाश विजयवर्गीय की हरकत पर प्रधानमंत्री मोदी ने जाहिर की नाराजगीआकाश और उनका समर्थन करने वाले नेताओं पर हो सकती है कार्रवाईइंदौर से बीजेपी के 'बैटमार' विधायक आकाश विजयवर्गीय को नगर निगम कर्मचारियों की पिटाई करने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा नाराजगी जताने के बाद ऐसी अटकलें लगाई जा रही हैं कि आकाश को कारण बताओ नोटिस जारी किया जा सकता है। सूत्रों का कहना है कि पार्टी सार्वजनिक स्थल पर दुर्व्यवहार करने पर आकाश को नोटिस दे सकती है और राष्ट्रीय नेतृत्व और कड़ी कार्रवाई भी कर सकता है।राज्य पार्टी अध्यक्ष राकेश सिंह, राष्ट्रीय महासचिव रामलाल, संगठन महासचिव सुहास भगत और पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान समेत भारतीय जनता पार्टी के सीनियर नेताओं ने बुधवार को बैठक कर उन नेताओं के खिलाफ भी ऐक्शन लेने पर चर्चा की जिन्होंने आकाश के जेल से बाहर आने पर उनका समर्थन किया था और जश्न मनाया था। सूत्रों ने बताया है कि राज्य इकाई राष्ट्रीय नेतृत्व के निर्देशों का इंतजार कर रही है।पार्टी के एक सीनियर कार्यकर्ता ने बताया है, 'आकाश के जेल से छूटने के बाद बीजेपी ने इंदौर में एक बैठक कर उनकी गिरफ्तार का विरोध किया। बीजेपी राज्य अनुशासन समिति के सदस्य बाबूसिंह रघुवंशी, जिला अध्यक्ष गोपी कृष्णा नीमा, पूर्व विधायक जीतू जिराती और विधायक रमेश मंडोला समेत पार्टी के सीनियर नेता इस बैठक में शामिल थे। क्या पार्टी इन सब नेताओं को पीएम की टिप्पणी के बाद सस्पेंड कर देगी। राज्य के नेताओं के सामने यह दुविधा है।'एक ओर जहां आकाश को लेकर अभी कोई फैसला नहीं किया गया है, बीजेपी के संचार प्रभारी अनिल सौमित्र ने उनका निलंबन वापस लेने की पार्टी से गुजारिश की है। लोकसभा चुनाव से पहले अनिल ने महात्मा गांधी को पाकिस्तान का राष्ट्रपिता बता दिया था। एक पार्टी कार्यकर्ता ने नाराजगी जताते हुए कहा है, 'अनिल को इस साल 17 मई को निलंबित कर दिया गया। उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया गया और फौरन पार्टी की सदस्यता 6 साल के लिए रद्द कर दी। इसी तरह के बयान प्रज्ञा सिंह ठाकुर ने दिए लेकिन उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई। आकाश की तरह प्रह्लाद, जालिम सिंह और कमल पटेल के बेटों के केस में भी राज्य इकाई चुप बैठी रही।'हालांकि, सौमित्र पार्टी से लड़ाई के मूड में नहीं है। उन्होंने पार्टी से निलंबन वापस लेने की गुजारिश की है। उनका कहना है कि उन्होंने अपने बयान के लिए माफी मांग ली है और पार्टी के नियमों और निर्देशों का पालन करने का वादा किया है। उधर, कांग्रेस प्रवक्त नरेंद्र सिंह सलूजा ने बीजेपी पर तंज कसा है, 'यह एक हाई प्रोफाइल मामला है। हम देख रहे हैं बीजेपी पीएम की प्रतिक्रिया का कितना ध्यान रखती है। पार्टी केस को दबा देगी जैसे प्रज्ञा ठाकुर के मामले में किया गया था।'


Source: Navbharat Times July 04, 2019 03:05 UTC



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