उत्तराखंड में नशे का दुष्चक्र तोड़ने के लिए अब अलग एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स तैनात होगी। वहीं, सभी कर्मचारियों को पूरा बोनस मिलेगा। कर्मचारी राज्य बीमा योजना में चिकित्सकों की किल्लत कम होगी। धामी कैबिनेट ने इनसे संबंधित प्रस्तावों पर मुहर लगा दी है।विज्ञापनविज्ञापनसचिव मुख्यमंत्री शैलेश बगोली ने बताया कि सचिवालय में बुधवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में छह प्रस्तावों पर मुहर लगी। प्रदेश में नशे के खिलाफ कार्रवाई के लिए वर्ष 2022 में टास्क फोर्स का गठन किया गया था। इसमें अभी तक पुलिस से ही प्रतिनियुक्ति पर अधिकारी-कर्मचारी काम कर रहे थे। टास्क फोर्स का ढांचा नहीं था। राज्य मुख्यालय स्तर पर पहली बार टास्क फोर्स के लिए 22 पद सृजित किए गए हैं। इनमें एक पुलिस उपाधीक्षक, दो ड्रग निरीक्षक, एक निरीक्षक, दो उपनिरीक्षक, चार मुख्य आरक्षी और आठ आरक्षी, दो आरक्षी चालक के पद शामिल हैं।बगोली ने बताया कि दूसरा प्रस्ताव वन विभाग के दैनिक श्रमिकों का पास हुआ। वन विभाग में 893 दैनिक श्रमिक तैनात हैं। इनमें से 304 श्रमिकों को तो पहले से ही न्यूनतम वेतनमान मिल रहा है। बाकी 589 दैनिक श्रमिकों को भी अब न्यूनतम 18,000 रुपये वेतन मिलेगा। मंत्रिमंडलीय उपसमिति की सिफारिश पर कैबिनेट ने मुहर लगा दी है।ये भी पढ़ें...Uttarakhand: बेरोजगारी की असली तस्वीर बताएगा पीरियोडिक लेबर फोर्स सर्वे, प्रदेश भर में फरवरी से दिसंबर तक होगा1. कोविड-19 के दौरान उत्तराखंड सरकार ने बोनस संदाय (उत्तराखंड संशोधन) विधेयक 2020 पास किया था, जिसके तहत एलोकेबल सरप्लस उपलब्ध होने पर ही कर्मचारियों को न्यूनतम बोनस भुगतान का प्रावधान किया गया था। इस विधेयक को राष्ट्रपति भवन भेजा था जो वापस हो गया। लिहाजा, सरकार ने अब इस विधेयक को वापस ले लिया। इसके बाद सभी कर्मचारियों को केंद्रीय एक्ट 1965 के तहत पूरा बोनस मिलेगा।उत्तराखंड कर्मचारी राज्य बीमा योजना श्रम चिकित्सा सेवा नियमावली 2026 को मंजूरी। इसके तहत अब ईएसआई में 94 पद होंगे, जिनमें 76 चिकित्सा अधिकारी, 11 सहायक निदेशक, छह संयुक्त निदेशक, एक अपर निदेशक का पद शामिल है। इससे पहले केवल एक सीएमओ और 13 चिकित्सा अधिकारी के पद थे। पद बढ़ने से कर्मचारियों को इलाज में सुविधा होगी।-प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना की भांति मुख्यमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नत योजना भी 31 मार्च 2026 तक विस्तारित कर दी गई है। भविष्य में यदि केंद्र ने इसे विस्तारित किया तो राज्य की योजना भी विस्तारित माना जाएगा।-उत्तराखंड कारागार और सुधारात्मक सेवाएं (संशोधन) अधिनियम, 2026 के प्रारूपण को मंजूरी। यह बदलाव आदतन अपराधियों पर सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के तहत किया जाएगा।
Source: NDTV February 11, 2026 13:30 UTC