राज्य ब्यूरो, जागरण, लखनऊ। प्रदेश में विशेष गहन पुनरीक्षण के बाद मतदाता सूची में हुए बड़े बदलाव ने नया राजनीतिक विमर्श खड़ा कर दिया है। आंकड़ों के विश्लेषण से संकेत मिल रहे हैं कि भाजपा के प्रभाव वाले जिलों और शहरी इलाकों में मतदाताओं के नाम कटने की दर अपेक्षाकृत अधिक रही है, जबकि मुस्लिम बहुल जिलों में यह गिरावट कम दर्ज की गई है।राजधानी लखनऊ में सबसे अधिक 22.89 प्रतिशत, गाजियाबाद में 20.24 प्रतिशत, कानपुर नगर में 19.42 प्रतिशत, गौतमबुद्धनगर में 19.33 प्रतिशत और मेरठ में 18.75 प्रतिशत मतदाता कम हुए हैं। इन शहरों में मतदाता सूची से नाम हटने का प्रतिशत सबसे ज्यादा है। ये सभी जिले भाजपा के मजबूत गढ़ माने जाते हैं।विधान सभा सीटवार आंकड़ों पर नजर डालें तो साहिबाबाद, नोएडा, लखनऊ उत्तर, आगरा कैंट और इलाहाबाद उत्तर में सबसे अधिक संख्या में मतदाताओं के नाम सूची से हटे हैं। खास बात यह है कि इन सभी सीटों पर भाजपा के विधायक हैं।
Source: Dainik Jagran April 11, 2026 04:03 UTC