Success Story: ₹35 लाख की नौकरी छोड़ शुरू किया अलग काम, किस्‍मत चमकी, अब करोड़ों का ब्रांड - News Summed Up

Success Story: ₹35 लाख की नौकरी छोड़ शुरू किया अलग काम, किस्‍मत चमकी, अब करोड़ों का ब्रांड


निर्मल चौधरी जोधपुर से ताल्‍लुक रखते हैं। वह 35 लाख की जमी-जमाई नौकरी कर रहे थे। इस नौकरी को छोड़ने का फैसला आसान नहीं था। लेकिन, जोधपुर की 'एशिया की घी मंडी' होने की लोकप्रियता और वहां किसी बड़े लोकल ब्रांड की कमी ने उन्हें यह कदम उठाने के लिए बल दिया। 2021 में निर्मल ने बैंक लोन के साथ पाली में एक प्रोसेसिंग प्लांट की नींव रखी। यूपीएससी की तैयारी के दौरान रिसर्च की स्किल का इस्‍तेमाल उन्होंने डेयरी उद्योग की बारीकियों को समझने में किया। फिर 'मिल्क स्टेशन' के साथ अपनी कारोबारी यात्रा शुरू की।लेखक के बारे में अमित शुक्‍ला अमित शुक्‍ला नवभारत टाइम्स (डिजिटल) में असिस्टेंट एडिटर हैं। उनका पत्रकारिता में 20 साल से ज्‍यादा का अनुभव है। अपने लंबे करियर में उन्‍होंने बिजनेस, पर्सनल फाइनेंस, फॉरेन ट्रेड, शेयर मार्केट, रियल एस्‍टेट, राजनीति, देश-विदेश, फीचर जैसे तमाम विषयों को कवर किया है। उनके पास पत्रकारिता और जनसंचार में डॉक्‍टरेट (PhD) की डिग्री है। टाइम्‍स इंटरनेट लिमिटेड (TIL) में उनका सफर जनवरी 2018 में शुरू हुआ। TIL में रहते हुए नवभारत टाइम्‍स (डिजिटल) से पहले उन्‍होंने इकनॉमिक टाइम्‍स (डिजिटल) में सेवाएं दीं। पत्रकारिता का अनुभव अमित शुक्‍ला के पास डिजिटल के साथ प्रिंट और इलेक्‍ट्रॉनिक मीडिया का लंबा अनुभव है। रियल एस्टेट और संपत्ति के क्षेत्र में लेख लिखने और विश्लेषण करने का भी अनुभव है। TIL से जुड़ने से पहले वह दैनिक जागरण, टीवी टुडे नेटवर्क, डीएलए जैसे मीडिया संस्‍थानों में काम कर चुके हैं। दैनिक जागरण (नोएडा) में सेंट्रल डेस्‍क पर उन्‍होंने करीब एक दशक बिताया। यहीं से उनके करियर की शुरुआत भी हुई। पहले वह फ्रीलांसर के तौर पर जागरण समूह की फीचर टीम से जुड़े थे। फिर सेंट्रल डेस्‍क का अहम हिस्‍सा बने। जाने-माने संस्‍थानों में अध्‍यापन अमित शुक्‍ला ने जाने-माने मीडिया संस्‍थानों के अलावा देश के नामचीन शैक्षणिक संस्थानों के साथ भी काम किया है। इनमें शिमला यूनिवर्सिटी- एजीयू, टेक वन स्कूल ऑफ मास कम्युनिकेशन, माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय (नोएडा) शामिल हैं। लिंग्‍व‍िस्‍ट के तौर पर खास पहचान अमित शुक्‍ला ने लिंग्विस्‍ट के तौर पर भी पहचान बनाई है। मार्वल कॉमिक्स ग्रुप, ऑस्ट्रियन इकोनॉमिक सेंटर, सौम्या ट्रांसलेटर्स, ब्रह्मम नेट सॉल्यूशन, सेंटर फॉर सिविल सोसाइटी और लिंगुअल कंसल्टेंसी सर्विसेज समेत कई अन्य भाषा समाधान प्रदान करने वाले संगठनों के साथ फ्रीलांस काम किया। अवार्ड/अचीवमेंट ET एक्‍सीलेंस अर्वाड्स 2019 र‍िसर्च फेलो (मीडिया) - ग्रैफनाइल रिसर्च कीनोट स्‍पीकर - चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी (उन्‍नाव कैंपस)... और पढ़ें


Source: Navbharat Times April 07, 2026 02:09 UTC



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