Sitapur : विकासखंड बेहटा की ग्राम पंचायत बहिया बहरामपुर से सरकारी राशन की कालाबाजारी का एक बड़ा मामला सामने आया है। जिला पूर्ति अधिकारी (DSO) अखिलेश श्रीवास्तव के निर्देश पर हुई जांच के बाद कोटेदार राम सिंह के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।आईजीआरएस पोर्टल पर मिल रही लगातार शिकायतों के बाद जब अधिकारियों ने इस कोटे की दुकान की पड़ताल की, तो वहां भारी अनियमितताएं उजागर हुईं। ग्रामीणों और कार्डधारकों ने सामूहिक रूप से बयान दर्ज कराए कि कोटेदार पहले मशीन पर अंगूठा लगवा लेता था और कई-कई चक्कर लगवाने के बाद भी राशन नहीं देता था. कई बार तो महीनों तक राशन लटकाए रखा जाता था. इसके अलावा प्रति यूनिट राशन कम तौलना और अभद्र व्यवहार करना उसकी आदत बन चुकी थी। इस प्रताड़ना से आजिज आकर गांव के तमाम कार्डधारक दूसरे गांवों की दुकानों से राशन लेने को मजबूर हो रहे थे।जांच टीम ने जब दुकान का औचक निरीक्षण और स्टॉक का भौतिक सत्यापन किया, तो रिकॉर्ड के अनुसार दुकान में उपलब्ध रहने वाले 67.264 क्विंटल गेहूं, 113.792 क्विंटल चावल और 66.16 किलोग्राम चीनी गायब पाई गई। कोटेदार मौके पर कोई स्टॉक रजिस्टर भी नहीं दिखा सका. इस तरह कुल मिलाकर लगभग 180 क्विंटल खाद्यान्न की खुली कालाबाजारी का पर्दाफाश हुआ है।जिला पूर्ति अधिकारी अखिलेश सक्सेना ने कड़ा रुख अपनाते हुए बताया कि इस घपलेबाजी के आरोप में कोटेदार राम सिंह के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम की धारा 3/7 के साथ-साथ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4) और 316(5) के तहत एफआईआर दर्ज करा दी गई है. इसके अलावा कोटेदार की दुकान का अनुबंध पत्र निलंबित करने और उससे स्पष्टीकरण मांगने की कार्रवाई भी की जा रही है।
Source: Dainik Bhaskar April 03, 2026 11:14 UTC