स्वास्थ्य अधिकारियों का अनुमान - आमजन फिर बेपरवाह हुए, कम्युनिटी स्प्रीड का खतराबचाव के 3 मंत्र न भूलें- जरूरी है तो ही घर से निकलें, मास्क और सोशल डिस्टेसिंग रखेंसबसे बड़ी चिंता... फैक्ट्रियों में लापरवाही सबसे खतरनाक होगी, इनमें केस आने शुरूदैनिक भास्कर Jun 23, 2020, 07:01 AM ISTरेवाड़ी. जिले में कोरोना पॉजिटिव केस का आंकड़ा 200 पार कर गया है। वायरस का प्रकोप अगले दो महीने में चरम पर पहुंच सकता है। जिस तरह से अनलॉक-1 में लोग बेपरवाह हो रहे हैं, उससे संभावना है कि जुलाई अंत तक ही जिला में करीब 7 हजार कोरोना पॉजिटिव केस हो जाएंगे।ये अनुमान स्वास्थ्य अधिकारियों का है, जिसके आधार पर गंभीर चिंता व्यक्त की गई है। इस लिहाज से जुलाई में हर दिन करीब 200 केस सामने आ सकते हैं। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि स्थिति काबू से बाहर हो सकती है।रविवार रात तक 45 से ज्यादा मामले सामने आए थे, जिनमें से 7 ही केस की पुष्टि की गई थी। जबकि बाकी केसों की आधिकारिक सूची प्रशासन ने जारी नहीं की थी। इनमें 36 केस और कंफर्म हुए हैं। रविवार को भी एक केस तथा रविवार देर शाम आए कंफर्म केस के बाद अब संख्या 202 हो गई है। इनमें से 121 एक्टिव केस हैं।बढ़ता ग्राफ... एमबीबीएस छात्र सहित 37 केस कंफर्मजिला में प्रशासन ने रविवार शाम तक 165 केस कंफर्म किए थे। जबकि देर रात 40 से ज्यादा और केस आ गए थे। सोमवार को भी एक केस मिला। इस आधार पर जिला स्वास्थ्य विभाग के बुलेटिन के अनुसार जिला में अब 202 केस हाे गए हैं। यानी दो दिनों के अंदर 44 नए केस मिले चुके हैं।आदर्श नगर धारूहेड़ा से 5, धारूहेड़ा से 3, लुहारू की ढाणी धारूहेड़ा, कायस्थवाड़ा व सुठानी से 2, शक्ति नगर, बिजली बोर्ड रेवाड़ी, सैय्यद सराय, गोकलगढ़, जलियावास, मिर्जापुर रेवाड़ी, अर्जुन नगर, सेक्टर-2 बावल, आकेड़ा, आजाद चौक, नजदीक यूनियन बैंक धारूहेड़ा, खलियावास मोहल्ला धारूहेड़ा, रेवाड़ी, सेक्टर -4 रेवाड़ी, बास, औलांत, हुसैनपुर, बिदावास, रतनथल, निमोठ व कुमरौधा से संबधित एक-एक हैं। जबकि अन्य पॉजिटिव मिले नागरिकों की स्वस्थ्य विभाग द्वारा ट्रेसिंग की प्रकिया जारी है। पॉजिटिव मिले लोगों में एक एमबीबीएस का छात्र भी है, जो कि शहर के एक मोहल्ला निवासी है तथा विदेश में पढ़ाई कर रहा है।विभाग ने माना- महिला की मौत की वजह कोरोना : रविवार काे गांव मैलावास निवासी एक 62 वर्षीय महिला की मौत हो गई थी। महिला पहले से गंभीर बीमारियों से जूझ रही थी। तबीयत बिगड़ने पर उसे शहर के एक निजी अस्पताल में 20 जून को भर्ती कराया गया। 21 जून को उसकी रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव मिली तो उसे झज्जर रेफर कर दिया गया। रास्ते में महिला ने दम तोड़ दिया।सोमवार को स्वास्थ्य अधिकारियों की ऑडिट में सामने आया कि महिला में कोरोना के लक्षण थे, इसलिए उसकी मौत कोरोना से हुई। जबकि गोठड़ा के बुजुर्ग की भी सप्ताहभर पहले मौत हाे गई थी। विभाग का मानना है कि वे संक्रमित थे, मगर लक्षण नहीं थे। इसलिए यह मौत कोरोना बुलेटिन में काउंट नहीं की गई है।
Source: Dainik Bhaskar June 23, 2020 01:30 UTC