Rajasthan's Alwar Rape Case: अलवर गैंगरेप: अलवर में दलित महिला से गैंगरेप पर सियासी उबाल, ऐक्शन में आई सरकार - News Summed Up

Rajasthan's Alwar Rape Case: अलवर गैंगरेप: अलवर में दलित महिला से गैंगरेप पर सियासी उबाल, ऐक्शन में आई सरकार


घटना के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन करते ग्रामीण"रोज सामने आती ऐसी घिनौनी घटनाएं कांग्रेस के महिला सुरक्षा के वादों की पोल खोलती हैं।" -वसुंधरा राजेग्रामीणों को समझाने पहुंचे कांग्रेस नेता जितेंद्र सिंहविडियो में दिखा एक आरोपीराजस्थान में अलवर के थानागाजी इलाके में एक दलित महिला से गैंगरेप की घटना ने सियासी रंग ले लिया है। घटना को दबाने का आरोप झेल रही राज्य सरकार अब ऐक्शन मोड में है। थानागाजी थाने के एसओ सरदार सिंह को सस्पेंड कर दिया गया है, वहीं एसपी राजीव पचार का तबादला कर दिया गया है। मामले में अब तक दो आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। एक आरोपी को वॉट्सऐप ग्रुप में विडियो फैलाने के आरोप में भी गिरफ्तार किया गया है।अलवर के थानागाजी इलाके में बाइक से अपने पति संग जा रही एक महिला से उसके पति के सामने ही 3 घंटे तक बलात्कार किया गया और पूरी घटना की विडियो रिकॉर्डिंग भी की गई। विरोध करने पर आरोपियों ने महिला और उसके पति को पीटा भी था। आरोप है कि पीड़ित महिला ने जब थानागाजी थाने और एसपी अलवर के पास 2 मई को गैंगरेप की शिकायत दी तो उन्होंने चुनाव ड्यूटी का हवाला देकर कोई कार्रवाई नहीं की थी।दलित महिला से गैंगरेप पर कोई कार्रवाई ना करने के आरोप झेल रही राज्य सरकार मंगलवार को तब और घिर गई, जब इसी इलाके में एक 20 वर्षीय लड़की के साथ बलात्कार की एक और घटना सामने आई। इसके बाद सरकार ने थानागाजी पुलिस स्टेशन के एसओ सरदार सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।उधर मामले पर राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री और बीजेपी की वरिष्ठ नेता वसुंधरा राजे ने ट्वीट किया, 'रोज सामने आती ऐसी घिनौनी घटनाएं कांग्रेस के महिला सुरक्षा के वादों की पोल खोलती हैं।' राजस्थान बीजेपी के अध्यक्ष मदनलाल सैनी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार दलित महिला से गैंगरेप की घटना को चुनाव खत्म होने तक दबाए रखना चाहती थी, जिससे उसे कोई सियासी नुकसान ना हो।मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा, 'दलित महिला से गैंगरेप के मामले में आरोपियों और लापरवाह पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। हमारी सरकार महिला सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।'बता दें कि पीड़िता और उसके परिवार का आरोप था कि पुलिस आरोपियों को बचाने की कोशिश कर रही है। पीड़िता के देवर ने बताया था कि जब हम पुलिस के पास केस दर्ज करवाने गए तो उन्होंने चुनाव ड्यूटी की वजह से स्टाफ कम होने का हवाला देकर केस दर्ज करने से इनकार कर दिया था।हालांकि राजस्थान के डीजीपी कपिल गर्ग ने चुनाव के चलते कार्रवाई ना करने के आरोपों का खंडन किया। उन्होंने कहा, 'पुलिस अपनी जांच से संबंधित प्रोटोकॉल्स को पूरा कर रही थी। इस घटना के एक आरोपी को तुरंत गिरफ्तार कर लिया गया था। एक आरोपी को मंगलवार रात गिरफ्तार किया गया है। बाकी आरोपियों की तलाश के लिए पुलिस की 14 टीमें लगाई गई हैं।'


Source: Navbharat Times May 08, 2019 06:23 UTC



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