RBI भी है तैयार: गवर्नर शक्तिकांत ने कहा- हम एक डिजिटल करेंसी पर काम कर रहे, लेकिन क्रिप्टोकरेंसी से अलग - News Summed Up

RBI भी है तैयार: गवर्नर शक्तिकांत ने कहा- हम एक डिजिटल करेंसी पर काम कर रहे, लेकिन क्रिप्टोकरेंसी से अलग


Hindi NewsBusinessShaktikanta Das Update | RBI Governor Shaktikanta Das Concerns On Cryptocurrencies Bitcoin AlternativeAds से है परेशान? बिना Ads खबरों के लिए इनस्टॉल करें दैनिक भास्कर ऐपRBI भी है तैयार: गवर्नर शक्तिकांत ने कहा- हम एक डिजिटल करेंसी पर काम कर रहे, लेकिन क्रिप्टोकरेंसी से अलगमुंबई 5 घंटे पहलेकॉपी लिंकRBI गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा कि ऊंची कीमतों का लागत पर भी असर पड़ता है। यह सिर्फ कार या बाइक पर ही नहीं पड़ता बल्कि मैन्युफैक्चरिंग, परिवहन और अन्य पहलुओं की लागत पर भी प्रभाव पड़ता है।रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) तेजी बढ़ तकनीकी में आगे बढ़ने की तैयारी में है। गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा कि हम एक डिजिटल करेंसी पर काम कर रहे हैं, क्योंकि हम तकनीकी क्रांति में पीछे नहीं रहना चाहता हैं।RBI डिजिटल करेंसी पर काम कर रहाबॉम्बे चेम्बर ऑफ कॉमर्स (BCC) के 185वें स्तापना दिवस पर बोलते हुए गवर्नर ने कहा कि RBI के पास क्रिप्टोकरेंसी के संबंध में आरक्षण है और यह एक सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी पर काम कर रहा है। हालांकि यह क्रिप्टोकरेंसी से बहुत अलग होगा। उन्होंने कहा कि RBI तकनीकी क्रांति में पीछे नहीं रहना चाहता है। मौजूदा समय में ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी के फायदे को भुनाने की जरूरत है। हालांकि हमें क्रिप्टोकरेंसी को लेकर कुछ चिंताएं जरूर हैं।फ्यूल प्राइस के बढ़ने से लागत प्रभावित हो रहीशक्तिकांत दास ने पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों पर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि ऊंची कीमतों का लागत पर भी असर पड़ता है। यह सिर्फ कार या बाइक पर ही नहीं पड़ता बल्कि मैन्युफैक्चरिंग, परिवहन और अन्य पहलुओं की लागत पर भी प्रभाव पड़ता है। हमें उम्मीद है कि फ्यूल पर लगने वाले टैक्स को कम करने के लिए केंद्र और राज्य सरकारें सकारत्मक कदम उठाएंगी। क्योंकि एक्साइज ड्यूटी और वैट के बाद फ्यूल की कीमत तीन गुना बढ़ जाती हैं।भारत को ग्लोबल सप्लाई चैन बनाना उद्देश्यगवर्नर दास ने कहा कि सरकार मैन्युफैक्चरिंग और इन्फ्रास्ट्रक्चर सेक्टर को बूस्टअप के लिए आत्मनिर्भर भारत अभियान और बजट के तहत कई ऐलान किए। नतीजतन, मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर ग्रोथ की रफ्तार को गति दे रहा है। इसके अलावा ग्रोथ में MSME सेक्टर भी अहम भूमिका निभा रहा है। प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) के तहत सरकार भारत को ग्लोबल सप्लाई चैन बनाने के लिए प्रयास में है।कोरोना वैक्सीन की आपूर्ति में भारत की भूमिका अहमउन्होंने हेल्थ सेक्टर पर कहा कि सेक्टर में अभी और निवेश की आवश्यकता है। प्रोडक्शन वॉल्यूम के लिहाज से भारत दुनिया में तीसरे स्थान पायदान पर काबिज है। दुनियाभर में वैक्सीन की आधी से ज्यादा जरूरत को भारत पूरा कर रहा है।


Source: Dainik Bhaskar February 25, 2021 07:55 UTC



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