भास्कर न्यूज, पुणे। मुंढवा भूमि गैरव्यवहार मामले में पुणे पुलिस ने कार्रवाई करते हुए अदालत में 1886 पन्नों की विस्तृत चार्जशीट दाखिल की है। इस मामले में मुख्य आरोपी के रूप में केवल शीतल तेजवानी का नाम शामिल किया गया है। उल्लेखनीय है कि चर्चित नाम पार्थ पवार और दिग्विजय पाटिल को इस मामले में बड़ी राहत मिली है, क्योंकि पुलिस की चार्जशीट में उनके नाम शामिल नहीं किए गए हैं।आर्थिक अपराध शाखा द्वारा दाखिल की गई इस चार्जशीट में शीतल तेजवानी को ही पूरे भूमि घोटाले का मुख्य सूत्रधार बताया गया है। पुलिस जांच के अनुसार, उपलब्ध सबूतों के आधार पर अन्य आरोपियों के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिलने के कारण उनके नाम आरोपपत्र से हटाए गए हैं। इससे पहले इस मामले में पार्थ पवार और दिग्विजय पाटिल पर भी आरोप लगाए गए थे, लेकिन जांच के बाद पुलिस ने उन्हें क्लीन चिट दे दी है।यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है, जब हाल ही में अजित पवार के निधन के बाद पार्थ पवार गहरे व्यक्तिगत दुख से गुजर रहे हैं। ऐसे में चार्जशीट में उनका नाम न आना उनके लिए एक तरह से राहत भरी खबर मानी जा रही है।इस मामले को लेकर सामाजिक कार्यकर्ता अंजली दमानिया ने पहले सख्त रुख अपनाते हुए मामले की गहन और निष्पक्ष जांच की मांग की थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि भूमि घोटाले में बड़े नामों की भूमिका की भी गंभीरता से जांच होनी चाहिए। दमानिया की मांग के बाद ही पुलिस की ओर से जांच को तेज कर चार्जशीट दाखिल की गई, जिसमें अंततः केवल शीतल तेजवानी को आरोपी ठहराया गया।पुलिस अधिकारियों के अनुसार, चार्जशीट में भूमि सौदों से जुड़े दस्तावेज, वित्तीय लेन-देन, बयान और तकनीकी सबूतों का विस्तृत उल्लेख किया गया है। शीतल तेजवानी पर धोखाधड़ी, जालसाजी और आपराधिक षड्यंत्र से जुड़े गंभीर आरोप लगाए गए हैं।अदालत में चार्जशीट दाखिल होने के बाद आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू होगी।
Source: Dainik Bhaskar February 02, 2026 11:07 UTC