भास्कर न्यूज, पुणे। चर्चित पोर्श हिट-एंड-रन मामले में गुरुवार को बड़ा घटनाक्रम सामने आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने आरोपी अश्फाक मकानदार को जमानत प्रदान कर दी। शीर्ष अदालत ने यह आदेश लंबी न्यायिक हिरासत और मुकदमे की संभावित देरी को ध्यान में रखते हुए पारित किया। साथ ही आरोपी को जांच में पूर्ण सहयोग करने और गवाहों को प्रभावित न करने की सख्त हिदायत दी गई है।यह मामला मई 2025 में कल्याणी नगर क्षेत्र में हुई दर्दनाक दुर्घटना से जुड़ा है। देर रात तेज रफ्तार पोर्श कार ने एक मोटरसाइकिल को टक्कर मार दी थी, जिसमें दो युवा सॉफ्टवेयर इंजीनियर अनिश अवधिया और अश्विनी कोष्टा की मौके पर ही मौत हो गई थी। घटना के समय कार 17 वर्षीय नाबालिग चला रहा था। आरोप था कि वह शराब के नशे में था, जिससे देशभर में व्यापक आक्रोश फैल गया था।दुर्घटना के बाद जांच के दौरान रक्त नमूनों में कथित हेरफेर और साक्ष्यों को प्रभावित करने के प्रयासों की बात सामने आई। इसी कड़ी में कई लोगों के खिलाफ मामला दर्ज हुआ। अश्फाक मकानदार पर साक्ष्य से छेड़छाड़ और न्याय प्रक्रिया में बाधा डालने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए थे।शीर्ष अदालत ने अपने आदेश में कहा कि जमानत का अर्थ आरोपों से मुक्ति नहीं है, बल्कि यह न्यायिक सिद्धांतों के अनुरूप एक अंतरिम राहत है। अदालत ने स्पष्ट किया कि यदि आरोपी शर्तों का उल्लंघन करता है तो जमानत रद्द की जा सकती है।मामले की अगली सुनवाई निचली अदालत में निर्धारित तिथि पर होगी। इस फैसले के बाद पीड़ित परिवारों और कानूनी विशेषज्ञों की निगाहें अब आगामी न्यायिक प्रक्रिया पर टिकी हैं।
Source: Dainik Bhaskar February 19, 2026 15:31 UTC