भास्कर न्यूज, पुणे। शहर के अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर टर्मिनल परिसर में वाहनों के लिए जल्द 12 मिनट की ठहराव सीमा लागू होगी। इसका उद्देश्य यातायात जाम को कम करना और यात्रियों की आवाजाही को सुचारु बनाना है। यह नियम अगले एक सप्ताह के भीतर लागू होने की संभावना है और निर्धारित समय से अधिक रुकने वाले वाहनों पर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। उल्लंघन की पहचान नंबर प्लेट पहचान कैमरों के माध्यम से की जाएगी।एयरपोर्ट प्रशासन के अनुसार टर्मिनल परिसर में प्रतिदिन लगभग 15,000 वाहनों की आवाजाही होती है। कई चालक आगमन करने वाले यात्रियों की प्रतीक्षा में लंबे समय तक वाहन खड़े रखते हैं। इस कारण विशेष रूप से देर रात में व्यस्त समय के दौरान बार-बार यातायात जाम की स्थिति बनती है, जिससे आगमन और प्रस्थान, दोनों प्रभावित होते हैं। समस्या के समाधान के लिए एयरपोर्ट प्रशासन ने ‘ड्वेल-टाइम’ निगरानी प्रणाली लागू करने का निर्णय लिया है। इस पहल के तहत टर्मिनल परिसर के प्रमुख स्थानों पर छह एनपीआर (नंबर प्लेट पहचान) कैमरे लगाए जा रहे हैं। कैमरे प्रवेश और निकास बिंदुओं पर वाहनों की नंबर प्लेट स्कैन करेंगे, ठहराव की अवधि मापेंगे और तय समय से अधिक रुकने वाले वाहनों को चिह्नित करेंगे। नियमित रूप से यात्रा करने वाले यात्रियों ने निर्णय का स्वागत किया है और यातायात जाम के कारण होने वाली देरी की ओर ध्यान दिलाया है। सप्ताह में एक बार काम के सिलसिले में यात्रा करने वाले पुणे के आईटी पेशेवर मंगेश चौधरी ने कहा कि भीड़ के समय खासकर देर रात टर्मिनल के प्रवेश द्वार तक पहुंचने में कभी-कभी वास्तविक ड्रॉप-ऑफ से भी अधिक समय लग जाता है। कड़ी ठहराव सीमा निश्चित रूप से यातायात में सुधार करेगी और वास्तविक यात्रियों का समय बचाएगी।टर्मिनल परिसर में प्रवेश करने वाले वाहनों के लिए हम समय सीमा लागू कर रहे हैं। इससे संबंधित प्रस्ताव पहले ही भेजा जा चुका है और एनपीआर कैमरों की स्थापना शुरू हो गई है। मंजूरी मिलने के बाद ड्वेल-टाइम प्रणाली लागू की जाएगी। इससे अनावश्यक ठहराव नियंत्रित होंगे और टर्मिनल परिसर में भीड़ कम होगी।संतोष ढोके, एयरपोर्ट डायरेक्टर, पुणे
Source: Dainik Bhaskar January 05, 2026 08:33 UTC