According to Science and Technology Minister Fawad Chaudhry said that the Hubble Space Telescope was sent into spac… https://t.co/ZaZhCl844w — Andrea Rose (@Andyrockz2012) 1557135098000पाकिस्तान के साइंस ऐंड टेक्नॉलजी मिनिस्टर अपने एक बयान को लेकर सोशल मीडिया पर काफी ट्रोल किए जा रहे हैं। पाकिस्तान के लोग भी उन्हें काफी सुना रहे हैं। दरअसल, जियो न्यूज के कार्यक्रम 'नया पाकिस्तान' में अपने देश की तारीफ करते हुए फवाद चौधरी यह भी कह गए कि हबल स्पेस टेलिस्कोप को पाकिस्तान की ऐरोनॉटिक्स ऐंड ऐरोस्पेस रिसर्च एजेंसी ने स्पेस में भेजा है। सच्चाई यह है कि हबल टेलिस्कोप को अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी NASA ने भेजा है। यह कार्यक्रम प्रसारित होते ही ट्विटर पर पाकिस्तान के साइंस मिनिस्टर ट्रोल हो गए।दरअसल, स्पेस से निगरानी के लिए टेक्नॉलजी के इस्तेमाल पर ऐंकर ने सवाल पूछा तो पाक मंत्री ने समझाते हुए कहा, 'देखने में प्रॉब्लम है। एक तरीका यह है कि आपने एक दूरबीन लगाई जो 50, 60, 70 या शायद 100 साल पुरानी टेक्नॉलजी है। एक देखने का तरीका दूरबीन हबल है, जो दुनिया की सबसे बड़ी दूरबीन है जो सुपारको ( Suparco ) ने भेजी हुई है, जो सैटलाइट में वहां लगी हुई है। फिर सैटलाइट्स हैं और फिर और टेक्नॉलजी है जो आप यूज करते हैं।'पाक मंत्री जब यह दावा कर रहे थे तो न्यूज ऐंकर भी काफी हैरत भरी नजरों से उन्हें देख रहे थे। बाद में 31 सेकंड का यह विडियो ट्विटर पर वायरल हो गया और पाक मंत्री के इस झूठे दावे पर लोग उन्हें ट्रोल करने लगे। उन पर मीम्स भी बन रहे हैं। एक ट्विटर यूजर ने तो यहां तक कह दिया कि फवाद चौधरी को अब साइंस ऐंड टेक्नॉलजी का नोबेल पुरस्कार दे ही देना चाहिए।आपको बता दें कि हबल टेलिस्कोप को 1990 में स्पेस में भेजा गया था और यह अब भी ऑपरेशन में है। इसे अमेरिकी स्पेस एजेंसी NASA ने यूरोपियन स्पेस एजेंसी की मदद से बनाया था।एक यूजर ने ट्वीट किया, 'हो सकता है कि नासा प्रमुख इस्तीफा दे दें और फवाद चौधरी के मंत्रालय में सुपारको के प्रमुख के तौर पर शामिल भी हो जाएं।' दूसरे यूजर ने ट्वीट किया, 'आपने सचमुच अपने सभी पूर्ववर्तियों को पीछे छोड़ दिया है। मिस्टर प्रधानमंत्री इमरान खान को चाहिए कि ऐसे आविष्कारकों को इनाम के तौर पर अंतरिक्ष में भेजें।'दिलचस्प बात यह है कि चौधरी ने पिछले साल नवंबर में कहा था,‘धरती पर हंगामा करने वाले कुछ नेता हैं जिन्हें अंतरिक्ष में भेज देना चाहिए।’ तब चौधरी सूचना मंत्री थे। उन्होंने आगे कहा था, ‘मैं सुपारको से यह सुनिश्चित करने के लिए कहूंगा कि एक बार अंतरिक्ष में जाने के बाद ये नेता वापस न आ सकें।’
Source: Navbharat Times May 06, 2019 11:25 UTC