Hindi NewsBusinessOffline Market Vs Online Market: Businesses Expect A Turnover Of 1 Lakh Crore, But The Customer Will Not Get Any Offerक्या दिवाली पर लौटेगी रिटेलर्स की खुशी: व्यापारियों को इस दिवाली 1 लाख करोड़ के कारोबार की उम्मीद, पर ग्राहक को नहीं मिलेगा कोई ऑफरनई दिल्ली 5 घंटे पहले लेखक: वर्षा पाठककॉपी लिंकचीन को राखी पर करीब 5,000 करोड़ का नुकसान तो गणेश चतुर्थी में 500 करोड़ की चपत खानी पड़ीअब ये रकम इस साल त्योहार में भारतीय बाजारों में ही रहेगी और इसका फायदा 7 करोड़ व्यापारियों को होगात्योहारी सीजन है, लेकिन बाजारों में रौनक गायब है। दिल्ली के चांदनी चौक, करोलबाग, खान मार्केट तो कोलकाता का न्यू मार्केट, धर्मतल्ला सब कुछ सुना है। बाजार में ना ग्राहक हैं, ना कोई त्योहारी तामझाम। अगर कुछ है, तो बिक्री की आस में बैठे कारोबारी और इन कारोबारियों को है दिवाली का बेसब्री से इंतजार। क्योंकि, कोविड-19 के चलते मंदी की मार झेल रहे देश भर के बाजार को अब इस दीवाली से काफी उम्मीदें हैं।कोरोना महामारी से कारोबार में आई सुस्ती को फेस्टिव सीजन में रफ्तार मिलने की आस से व्यापारी स्टॉक जुटाने में लगे हैं। ताकि, जब ग्राहक आएं तो निराश होकर दुकान से वापस ना चले जाएं। कंफेडरेशन ऑफ आल इंडिया ट्रेडर्स (CAIT) के राष्ट्रीय महामंत्री प्रवीण खंडेलवाल ने भास्कर को बताया कि इस साल दिवाली में करीब एक लाख करोड़ रुपए तक का कारोबार हो सकता है। पिछले साल 60-70 हजार करोड़ के करीब यह आंकड़ा था।ऑफलाइन खरीदारी को लेकर इतनी उम्मीदें कैसे? ऑफलाइन कारोबार में 30-40 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी हुईखान मार्केट (दिल्ली) संगठन के अध्यक्ष संजीव मेहरा ने बताया कि कोरोना के चलते बाजार और व्यापार पूरी तरह से बंद पड़े थे। लॉकडाउन खुलने के बाद से अब तक व्यापार में 30-40 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। देश भर में व्यापार अभी तक पटरी पर नहीं लौट पाया है। अब इस दीवाली फेस्टिवल सीजन से बाजार में फुटफॉल और खरीदारी बढ़ने की पूरी संभावना है। हालांकि, खान मार्केट में इस साल दिवाली पर पिछले साल के मुकाबले करीब 40 फीसदी कम सेल होने की आशंका है। रही बात ऑफर्स की तो संजीव बताते हैं कि इस साल फर्नीचर, कपड़े, होम अप्लायंसेस की डिमांड बढ़ेगी, लेकिन ऑफर्स देना संभव नहीं है।पिछले साल के मुकाबले इस फेस्टिवल में दोगुने फायदे में रहेगा ई-कॉमर्सरेडसीर (Redseer) की एक रिपोर्ट के मुताबिक, इस साल फेस्टिव सीजन में ई-कॉमर्स की ग्रॉस मर्चेंडाइज वॉल्यूम 7 बिलियन डॉलर (51.52 हजार करोड़ रु.) तक पहुंच सकती है। यह पिछले साल के मुकाबले लगभग दोगुनी होगी। ई-कॉमर्स सेक्टर की बात की जाए तो इस समय दिग्गज कंपनियां अमेजन और फ्लिपकार्ट बिक्री बढ़ाने के लिए ग्राहकों को आकर्षक ऑफर्स दे रही हैं। इसमें अमेजन का ग्रेट इंडियन शॉपिंग फेस्टिवल और फ्लिपकार्ट का बिग बिलियन डेज सेल ऑफर्स मुख्य हैं। फेस्टिव सेल इवेंट में 4 बिलियन डॉलर (करीब 30 हजार करोड़ रुपए) तक की बिक्री हो सकती है।इस रिपोर्ट में कहा गया है कि मार्केट में सस्ता 4जी डेटा होने के कारण ऑनलाइन मार्केट में जबरदस्त बढ़ोतरी देखी गई है। इसमें सबसे बड़ी हिस्सेदारी रिलायंस जियो की है। जियो ने ग्राहकों को सबसे कम कीमत में इंटरनेट डेटा देने की शुरुआत की थी। जिसका कारण है कि वर्तमान में भारतीय ई-कॉमर्स मार्केट 50 बिलियन डॉलर (3.68 लाख करोड़ रु.) का हो गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, 2019 तक भारत में 48 करोड़ लोगों तक इंटरनेट की पहुंच थी। इसमें से नौ करोड़ लोग ऑनलाइन शॉपर्स हैं।इस बार लगभग सभी ई-कॉमर्स कंपनियों ने टीयर-2 और टीयर-3 शहरों पर ज्यादा फोकस किया है। इसमें अमेजन, फ्लिपकार्ट, स्नैप डील जैसे दिग्गज शामिल हैं। रिपोर्ट में अनुमान जताया गया है कि 2020 तक ऑनलाइन शॉपर्स की संख्या 16 करोड़ के पार जा सकती है, जबकि टोटल ई-कॉमर्स बिक्री 38 बिलियन डॉलर (2.80 हजार करोड़ रु.) तक पहुंच सकता है।
Source: Dainik Bhaskar October 18, 2020 00:45 UTC