जवाब: टिकट क्यों नहीं मिला ये तो वो बताएंगे, जिन्हें देना था। मेरा काम तो है नहीं। वो क्यों नहीं दिए? जवाब: देखिए, मैंने फैसला लिया ही नहीं है।सवाल: लोजपा से टिकट तो लिया ही है ना? सवाल: राजेंद्र सिंह के समर्थन में भाजपा के नेता कार्यकर्ता हैं या नहीं? जवाब: देखिए…कोई हम भाजपा से अलग हो गए… एक दिन में भाजपा से अलग हो जाएंगे…कोई मेरा रक्त बदल देगा क्या? जवाब: हमारी लड़ाई वो नहीं है। हमारी लड़ाई दिनारा का विकास है। यहां की जनता का विकास है। हमारी लड़ाई व्यक्तिवादी नहीं है। हमारी लड़ाई दिनारा के ढाई लाख मतदाताओं की लड़ाई है। उनके लिए लड़ रहे हैं, अपने लिए नहीं लड़ रहे हैं।
Source: Dainik Bhaskar October 18, 2020 00:35 UTC