Nagpur News नागपुर शहर के नौ जोन की 50 बस्तियों में दूषित पानी की आपूर्ति के मामले पर बॉम्बे हाईकोर्ट की नागपुर खंडपीठ नेे गंभीरता से स्वयं संज्ञान लेते हुए दो सप्ताह में जनहित याचिका दायर करने के आदेश दिए हैं। न्यायमूर्ति अनिल किलोर और न्यायमूर्ति राज वाकोडे की पीठ ने समाचार-पत्रों में प्रकाशित खबरों के आधार पर यह आदेश पारित किया। न्यायालय ने कहा कि शहर में दूषित जलापूर्ति के कारण नागरिकों का स्वास्थ्य खतरे में पड़ रहा है, इसलिए इस विषय पर तत्काल सुनवाई आवश्यक है।चार लाख नागरिक प्रभावित : खबर के अनुसार, हाल ही में महापौर नीता ठाकरे की अध्यक्षता में हुई बैठक में यह चौंकाने वाली जानकारी सामने आई कि शहर के दस में से नौ जोन में दूषित पानी की आपूर्ति हो रही है। इससे लगभग चार लाख नागरिक प्रभावित हो रहे हैं।न्यायालय मित्र नियुक्त : स्थिति की गंभीरता को देखते हुए हाईकोर्ट ने स्वतः जनहित याचिका शुरू करने का निर्णय लिया है। न्यायालय ने एड. इशिका महादुले को न्यायालय मित्र नियुक्त करते हुए उन्हें दो सप्ताह के भीतर उपयुक्त जनहित याचिका दायर करने के निर्देश दिए हैं।यहां दूषित जलापूर्ति की पुष्टि : { लक्ष्मी नगर जोन के अजनी और ईस्ट समर्थ नगर, धरमपेठ जोन के दाभा, पांढराबोडी और पंचशील नगर, धंतोली जोन के वसंत नगर, नेहरू नगर जोन के नंदनवन ले-आउट, गुरुदेव नगर, कवेलू क्वार्टर और ताजबाग क्षेत्र प्रभावित बताए गए हैं। {गांधीबाग जोन में सिरसपेठ, जलालपुरा, गणेशपेठ और लोधीपुरा, सतरंजीपुरा जोन में इतवारी रेलवे स्टेशन, प्रेम नगर, भानखेड़ा सहित कई बस्तियां प्रभावित हैं। लकड़गंज जोन के भांडेवाड़ी झोपड़पट्टी, पारडी और एचबी टाउन, आसी नगर जोन के पवननगर, हुडको कॉलोनी और नारा गांव, तथा मंगलवारी जोन के बोरगांव और निखारे ले-आउट में भी दूषित जलापूर्ति की पुष्टि हुई है।
Source: Dainik Bhaskar February 27, 2026 17:10 UTC