Nagpur News मनपा के प्रवर्तन विभाग ने अतिक्रमण के विरोध में कार्रवाई कर फुटपाथ पर लगाई दुकानों व सड़क विस्तार में बाधा बने निर्माणकार्यों पर बुलडोजर चलाया है। सतरंजीपुरा जोन अंतर्गत अतिक्रमण विरोधी कार्रवाई में मेयो अस्पताल चौक से जूना मोटर स्टैंड चौक तक पुराना भंडारा रोड के विस्तार कार्य में बाधा बने निर्माणकार्यों पर बुलडोजर चलाया। 20 मकानों के निर्माण कार्य तोड़ कर सड़क चौड़ाई कार्य में आ रही बाधा दूर की गई। प्रवर्तन विभाग उपायुक्त मंगेश खवले, सहायक आयुक्त हरीश राऊत, नगर रचना विभाग के प्रमोद गावंडे तथा अतिक्रमण तोडू दस्ते ने कार्रवाई को अंजाम दिया।यहां चला बुलडोजर : धरमपेठ जोन में दो टीमों ने सड़क तथा फुटपाथ पर लगाए दुकानों के अतिक्रमण हटाए। जोन कार्यालय से सीताबर्डी, वेरायटी चौक तथा सीताबर्डी मेन रोड के अतिक्रमण का सफाया किया। लक्ष्मी नगर जोन में जोन कार्यालय से आईटी पार्क, वीएनआईटी परिसर, दक्षिण अंबाझरी मार्ग, खामला मटन मार्केट परिसर में अतिक्रमण विरोधी कार्रवाई कर सड़क व फुटपाथ पर लगाई गई दुकानें व ठेले हटाए गए। गांधीबाग जोन में जोन कार्यालय से महल चौक, बड़कस चौक मार्ग पर सड़क तथा फुटपाथ पर लगी दुकानों का अतिक्रमण हटाया गया।नागपुर के व्यस्त व्यापारिक केंद्र इतवारी में स्थानीय प्रशासन और नगर निगम के प्रवर्तन विभाग द्वारा बड़े पैमाने पर अतिक्रमण विरोधी अभियान चलाया जा रहा। पुराना भंडारा रोड के चौड़ाईकरण के लिए की गई कार्रवाई से क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल है। इतवारी के व्यापारियों के अनुसार अभी शादी और त्योहार का सीजन शुरू है, ऐसे में व्यापारिक क्षेत्र में अतिक्रमण कार्रवाई से व्यापार चौपट हो गया है। व्यापारी संगठनों का कहना है कि वे अतिक्रमण के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन प्रशासन को ऐसी कार्रवाई के लिए समय और योजना पर पुनर्विचार करना चाहिए। इतवारी में कार्रवाई के कारण अन्य मार्गों पर ट्रैफिक बढ़ रहा है, लेकिन अतिरिक्त जवानों की तैनाती नहीं की गई है, जिससे लाेगों को भारी ट्रैफिक जाम का सामना करना पड़ रहा है।एक सिरे से शुरू करें काम : व्यापारियों का कहना है कि प्रशासन को पुराने भंडारा रोड के एक सिरे से काम शुरू करना चाहिए। इतवारी में जिन लोगों ने प्रशासन से मुआवजा ले लिया है उनकी ही प्राॅपर्टी तोड़ी जा रही है। कुछ व्यापारियों की सुनवाई न्यायालय में लंबित है। जब तक कोर्ट का निर्णय नहीं आ जाता, तब तक उन पर कार्रवाई नहीं की जा सकती। ऐसे में प्रशासन को कुछ दिन रुककर अतिक्रमण कार्रवाई करनी चाहिए।मुआवजे की लड़ाई : एक व्यापारी ने बताया कि हमारा डेवलपमेंट को विरोध नहीं है, बल्कि प्रशासन की ओर से उन्हें जो मुआवजा दिया जा रहा है, उसका विरोध किया जा रहा है। प्रशासन ने रोड टच प्रॉपर्टी के लिए 7 हजार रुपए प्रति वर्ग फीट का रेट निर्धारित किया है। इस हिसाब से रोड के दोनों ओर की दुकानों काे एक जैसा मुआवजा मिलना चाहिए, जबकि ऐसा नहीं किया जा रहा है। रोड पर 31 प्रॉपर्टी ऐसी हैं, जिन्हें 3900 रुपए प्रति वर्ग फीट का रेट दिया जा रहा है। व्यापारियों ने इसका पहले ही विरोध किया था, लेकिन अधिकारियों ने इस पर कोई सुनवाई नहीं की, जिससे व्यापारियों को कोर्ट का दरवाजा खटखटाना पड़ा।कोर्ट के निर्णय का इंतजार करें : व्यापारियों का कहना है कि अभी इतवारी की दुकानों के मुआवजे से संबंधित मामला न्यायालय में लंबित है। न्यायालय का निर्णय आने से पहले ही प्रशासन ने कार्रवाई शुरू कर दी है। इसी महीने में न्यायालय अपना निर्णय सुनाने वाला है। प्रशासन को निर्णय आने के बाद कार्रवाई शुरू करनी चाहिए थी।
Source: Dainik Bhaskar February 19, 2026 15:59 UTC