Nagpur News: ईडब्ल्यूएस के फर्जी प्रमाण-पत्र जारी न हों, इसलिए क्या कदम उठाए गए? - News Summed Up

Nagpur News: ईडब्ल्यूएस के फर्जी प्रमाण-पत्र जारी न हों, इसलिए क्या कदम उठाए गए?


Nagpur News बॉम्बे हाईकोर्ट की नागपुर खंडपीठ में दायर एक जनहित याचिका में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) और ओबीसी नॉन-क्रीमी लेयर (एनसीएल) प्रमाण-पत्रों की सत्यापन प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं। इस मामले में अदालत ने सवाल किया कि ईडब्ल्यूएस के फर्जी प्रमाण-पत्र जारी न हों, इसलिए क्या कदम उठाए गए? इस पर जिलाधिकारी से सोमवार 23 फरवरी तक स्पष्टीकरण मांगा है। साथ ही, अदालत ने जिलाधिकारी से याचिकाकर्ता द्वारा दिए गए सुझाव पर भी जवाब प्रस्तुत करने के आदेश दिए हैं।याचिका में यह है आरोप एड. सुंदीप बदाना ने यह जनहित याचिका दायर की है। मामले पर बुधवार को न्यायमूर्ति अनिल किलोर और न्यायमूर्ति राज वाकोडे की पीठ के समक्ष सुनवाई हुई। याचिकाकर्ता का कहना है कि ईडब्ल्यूएस/एनसीएल प्रमाण-पत्र बिना किसी ठोस जांच-पड़ताल के जारी किए जा रहे हैं, जिससे अयोग्य लोग आरक्षण का लाभ उठा रहे हैं। विशेष रूप से मेडिकल कॉलेजों में भारी फीस वाली मैनेजमेंट और एनआरआई कोटा सीटों पर ईडब्ल्यूएस/ एनसीएल का दावा कर दाखिले लेने के मामले सामने आए हैं। इसी पृष्ठभूमि में हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ता से ठोस और प्रत्यक्ष प्रमाण पेश करने को कहा था।सबूत के लिए यह कदम : इस निर्देश के बाद याचिकाकर्ता ने अपनी ही बेटी के नाम ईडब्ल्यूएस प्रमाण-पत्र के लिए आवेदन किया, जबकि उनका परिवार ईडब्ल्यूएस श्रेणी के लिए पात्र नहीं है। इसके बावजूद 31 दिसंबर 2025 को नागपुर तहसील कार्यालय द्वारा प्रमाण-पत्र जारी कर दिया गया। इसलिए याचिकाकर्ता ने हाईकोर्ट से मांग की गई है कि इस प्रमाण-पत्र को प्रशासनिक विफलता का उदाहरण मानते हुए रद्द किया जाए, मेडिकल कॉलेजों में ईडब्ल्यूएस/ एनसीएल के तहत हुए दाखिलों की तत्काल जांच कराई जाए और आयकर व भूमि रिकॉर्ड से जुड़ी डिजिटल सत्यापन प्रणाली लागू करने के निर्देश दिए जाएं।पात्र के अधिकारों की रक्षा की जाए : हाईकोर्ट ने मौखिक टिप्पणी में कहा कि पात्र व्यक्तियों के अधिकारों की रक्षा करना आवश्यक है, क्योंकि ऐसी परिस्थितियों में सबसे अधिक नुकसान उन्हीं को उठाना पड़ता है। इसलिए इस स्थिति को रोकने के लिए अब तक कौन-कौन से कदम उठाए गए हैं, इस संबंध में हाईकोर्ट ने जिलाधिकारी से जवाब मांगा है।


Source: Dainik Bhaskar February 19, 2026 19:05 UTC



Loading...
Loading...
  

Loading...

                           
/* -------------------------- overlay advertisemnt -------------------------- */