लुम्बिनी–चितवन–पोखरा को जोड़ ‘सिल्वर ट्रायंगल’ बनाने की पहल, भारतीय बाजार पर खास फोकसSonauli, Maharajganj : नेपाल के प्रमुख पर्यटन शहर पोखरा को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और अधिक आकर्षक बनाने के उद्देश्य से “चलिए पोखरा” अभियान की शुरुआत की गई है। इस अभियान के तहत खासतौर पर भारत से आने वाले पर्यटकों को लुभाने के लिए होटल और रेस्टोरेंट सेवाओं पर 25 प्रतिशत तक की विशेष छूट देने की घोषणा की गई है।यह पहल होटल संघ पोखरा के नेतृत्व में शुरू की गई है, जिसका मुख्य उद्देश्य महामारी के बाद ठप पड़े पर्यटन क्षेत्र को फिर से गति देना और भारतीय पर्यटकों की संख्या में इजाफा करना है।भारतीय पर्यटकों पर खास नजर पर्यटन व्यवसायियों का मानना है कि भारत नेपाल के लिए सबसे बड़ा और नजदीकी पर्यटन बाजार है। ऐसे में रियायती दरों के जरिए भारतीय पर्यटकों को आकर्षित करने की यह रणनीति बेहद कारगर साबित हो सकती है। भोजन और आवास में दी जा रही छूट से पर्यटकों का रुझान तेजी से बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है।‘सिल्वर ट्रायंगल’ से बढ़ेगा पर्यटनपोखरा में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में लुम्बिनी प्रेस क्लब के साथ पर्यटन विशेषज्ञों ने लुम्बिनी, चितवन और पोखरा को जोड़कर ‘सिल्वर ट्रायंगल’ विकसित करने पर जोर दिया। इस अवधारणा के तहत धार्मिक, प्राकृतिक और वन्य जीवन पर्यटन को एक साथ जोड़कर पर्यटकों को संपूर्ण अनुभव देने की योजना है। कार्यक्रम नेपाल पर्यटन बोर्ड (गंडकी प्रदेश) के सहयोग से आयोजित किया गया, जहां विशेषज्ञों ने कहा कि अगर इन तीनों प्रमुख स्थलों को एक पैकेज के रूप में विकसित किया जाए तो पर्यटकों के ठहरने की अवधि और खर्च दोनों में वृद्धि होगी।बुनियादी ढांचे और प्रचार पर जोरकार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए बुनियादी ढांचे के विकास, बेहतर सेवाओं और प्रभावी प्रचार-प्रसार की सख्त जरूरत है। होटल संघ पोखरा के अध्यक्ष लक्ष्मण सुवेदी ने सभी संबंधित पक्षों के बीच समन्वय बढ़ाने पर बल दिया। वहीं, विशेषज्ञों ने यह भी बताया कि गौतम बुद्ध अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा और पोखरा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा के जरिए बड़ी संख्या में विदेशी, खासकर भारतीय पर्यटकों को नेपाल लाया जा सकता है।सीमा क्षेत्र में सुधार की जरूरतकार्यक्रम में यह भी सुझाव दिया गया कि भारत-नेपाल सीमा पर स्थित बेलहिया नाका से आने वाले पैदल पर्यटकों के लिए बेहतर मार्ग प्रबंधन, साफ-सफाई और सुविधाओं का विस्तार किया जाए। इससे पर्यटकों का अनुभव और बेहतर होगा।निष्कर्ष“चलिए पोखरा” अभियान न केवल पर्यटन को पुनर्जीवित करने की दिशा में एक मजबूत कदम है, बल्कि नेपाल को क्षेत्रीय पर्यटन हब के रूप में स्थापित करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण पहल साबित हो सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर इस तरह की योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू किया गया, तो नेपाल का पर्यटन उद्योग नई ऊंचाइयों को छू सकता है।
Source: Dainik Bhaskar April 06, 2026 22:38 UTC