ठंड और धूल से बचाने के लिए भक्तों ने बनाया प्लास्टिक का घेरा, शहर तक आने में लगेंगे तीन-चार दिनDainik Bhaskar Dec 31, 2019, 04:14 AM ISTइंदौर। आचार्य विद्यासागरजी के चरण 20 साल बाद इंदौर की सीमा में पड़े। सोमवार दोपहर 3 बजे उनका मंगल प्रवेश हुआ। आचार्य चोरल से 4 किमी आगे ग्वालू पहुंचे। स्वास्थ्य ठीक नहीं होने से उन्होंने बलवाड़ा से सिर्फ 4 किमी विहार किया। सामान्य तौर पर आचार्य रोजाना 8 से 10 किमी विहार करते हैं। रात्रि विश्राम के बाद मंगलवार दोपहर वे इंदौर की तरफ विहार करेंगे। आचार्य के संघस्थ ब्रह्मचारी सुनील भैया ने बताया कि महाराज के साथ 31 पिच्छी आचार्य संघ में हैं। आगामी दिनों में दो महाराज और आने वाले हैं।वर्ष 1999 में आचार्यश्री का इंदौर में मंगल प्रवेश हुआ था, चातुर्मास यहीं कियातस्वीर वर्ष 1999 की है। जब आचार्य विद्यासागरजी का इंदौर में मंगल प्रवेश हुआ था। गोम्मटगिरि तीर्थ पर उन्होंने चातुर्मास किया। इस दौरान नियमित प्रवचन भी होते थे। देशभर से बड़ी संख्या में उनके अनुयायी उनके दर्शन के लिए आए थे।
Source: Dainik Bhaskar December 30, 2019 22:52 UTC