MP honeytrap case: मध्य प्रदेश हनी ट्रैप: लिपस्टिक कवर, चश्मों में कैमरे से चलता था ब्लैकमेलिंग का खेल - mp honeytrap case: cameras in lipstick, goggles were used to film victims - News Summed Up

MP honeytrap case: मध्य प्रदेश हनी ट्रैप: लिपस्टिक कवर, चश्मों में कैमरे से चलता था ब्लैकमेलिंग का खेल - mp honeytrap case: cameras in lipstick, goggles were used to film victims


फाइल फोटोहाइलाइट्स मध्य प्रदेश में पुलिस के शिकंजे में आए हनी ट्रैप गैंग के सदस्यों को लेकर बड़ा खुलासालिपस्टिक कवर और चश्मों मे छुपाकर रखते थे कैमरे, विडियो बना करते थे ब्लैकमेलपुलिस सूत्रों के हवाले से जानकारी, नेताओं और नौकरशाहों को भी ब्लैकमेल करने का शकपुलिस कस्‍टडी में आरोपी महिलाएंमध्य प्रदेश में हाल ही में सामने आया हनी ट्रैप कांड इन दिनों देश भर में चर्चा का केंद्र बना है। इसे लेकर रोजाना नए-नए खुलासे हो रहे हैं। पुलिस से जुड़े सूत्रों ने इस मामले में नई जानकारी दी है। सूत्रों ने बताया कि गिरोह के लोग कैमरे को अपने लिपस्टिक कवर या चश्मे में छिपाकर रखते थे। इसमें लगे कैमरे के जरिए ही रसूखदार लोगों के याथ अंतरंग पलों को रिकॉर्ड किया जाता था और उन्हें ब्लैकमेल किया जाता था।गौरतलब है कि इंदौर नगर निगम के इंजिनियर हरभजन सिंह की शिकायत पर पुलिस ने 19 सितंबर को हनी ट्रैप गिरोह का खुलासा किया था। गिरोह की पांच महिलाओं समेत छह सदस्यों को भोपाल और इंदौर से 18 एवं 19 सितंबर को गिरफ्तार किया गया। हनी ट्रैप और ब्लैकमेल कर इस इंजिनियर से तीन करोड़ रुपये मांगने के आरोप में पुलिस ने इन्दौर और भोपाल से पांच युवतियों आरती दयाल (29), मोनिका यादव (18), श्वेता जैन (39), श्वेता जैन (48) और बरखा सोनी (34) को भारतीय दंड संहिता की धारा 405/19, 419, 420, 384, 506, 120-बी एवं 34 के तहत गिरफ्तार किया। इनके एक वाहन चालक ओमप्रकाश कोरी (45) को भी गिरफ्तार किया गया।इंदौर की वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) रुचिवर्धन मिश्र ने बताया कि जांचकर्ताओं को संदेह है कि इस गिरोह ने महिलाओं का इस्तेमाल कर राजनेताओं और नौकरशाहों समेत कई रसूखदारों को भी जाल में फंसाया था और इन लोगों से धन उगाही के अलावा अपनी अलग-अलग अनुचित मांगें जबरन मनवाई थीं। गिरोह खुफिया कैमरों से अंतरंग पलों के विडियो बनाकर अपने 'शिकार' को इस आपत्तिजनक सामग्री के बूते ब्लैकमेल करता था। इनमें से कई विडियो क्लिप सोशल मीडिया में वायरल भी हुए हैं।कुछ विडियो में स्पष्ट समझ आता है कि उनसे छेड़छाड़ की गई है। इस संबंध में प्रतिक्रिया जानने के बाद मिश्र एवं अपराध शाखा के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अमरेन्द्र सिंह से बार-बार फोन पर संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन विफल रहा। दोनों अधिकारी हनी ट्रैप मामले की जांच के लिए गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) के सदस्य हैं।


Source: Navbharat Times September 29, 2019 16:46 UTC



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