अमीनाबाद के नियामत उल्लाह कम्पाउंड में रहने वाले बदबू और बीमारी से परेशानसेहत संग माली हालत भी बिगड़ीछोटे डम्पिंग यार्ड बंद होने के बाद कम्पाउंड में ही फेंका जा रहा कूड़ाएनबीटी, लखनऊस्वच्छ भारत अभियान के लिए नगर निगम ने अमीनाबाद के कई छोटे डम्पिंग यार्ड बंद करवा दिए। अब कई इलाकों का कूड़ा नियामत उल्लाह कम्पाउंड में बने पड़ावघर में फेंका जा रहा है। सफाईकर्मी अक्सर कूड़ा जला भी देते हैं, जिसका धुआं घरों में भर जाता है। इन हालात में यहां कई लोग बीमार पड़ चुके हैं। इससे परेशान होकर दो हफ्ते पहले कई परिवार पलायन कर गए थे। इसके बाद भी नगर निगम ने सुध नहीं ली। ऐसे में ये परिवार अपना घर छोड़कर किराए के मकान में रहने को मजबूर हैं।कम्पाउंड छोड़कर मौलवीगंज के रस्सी बटान में अलग-अलग किराए के मकान में रह रहे अयाज और उनके भाई रियाज का कहना है कि बीमारी की आशंका के कारण कंपाउंड में लौट नहीं सकते। दोनों फुटपाथ पर चप्पल की दुकान लगाते हैं। उनका कहना है कि समझ नहीं आ रहा कि घरेलू जरूरतें पूरी करें या मकान का किराया दें। इमरान भी कम्पाउंड में बना अपना घर छोड़कर किराए पर रहने को मजबूर हैं।अनस इलाही और उनके भाई आबिद इलाही का परिवार भी कम्पाउंड छोड़कर सात महीने तक वजीर हसन रोड पर किराए के मकान में रहे, लेकिन हालात नहीं सुधरे। बकौल अनस, बुजुर्ग अम्मी की घर से जुड़ी यादों के कारण वापस हाते में आकर रह रहे हैं, लेकिन यहां हर वक्त बीमारी का खतरा मंडरा रहा है। हाते में रह रहे लोगों का आरोप है कि महापौर और नगर आयुक्त तक से शिकायत के बावजूद कूड़े की बदबू और धुएं से निजात नहीं मिल पा रही है।फैक्ट फाइल35 परिवार रहते हैं हाते में बने घरों में150 के करीब कुल सदस्य हैं इन परिवारों के65 बच्चे हैं इन लोगों में27 बुजुर्ग रहते हैं हाते मेंकोटकूड़ाघर की नियमित सफाई होती है। लोग ही डम्पिंग यार्ड के बजाय बाहर कूड़ा फेंकते हैं। इस कारण ज्यादा दिक्कत है।मुनेन्द्र सिंह राठौर, जोनल अधिकारी, जोन-1
Source: Navbharat Times September 26, 2018 00:56 UTC