आईएएनएस, श्रीनगर : तीन साल की बच्ची के साथ हुए कथित दुष्कर्म के विरोध में आंशिक बंद के कारण कश्मीर घाटी के कई क्षेत्रों में जन-जीवन प्रभावित हुआ। इस बात की जानकारी पुलिस ने सोमवार को दी। कश्मीर बंद के एलान के बीच संबल कांड के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे लोगों और सुरक्षा बलों के बीच पट्टन में हिंसक झड़पों में 47 सुरक्षाकर्मियों समेत 50 लोग जख्मी हो गए। एसएसबी की दूसरी वाहिनी के असिस्टेंट कमांडेंट भी इस दौरान घायल हो गए। उन्हें सिर में पत्थर लगने से गंभीर चोट आई है। कई इलाकों में कर्फ्यू लगा दिया गया है। बांदीपोरा जिले में 9 मई को हुए कथित दुष्कर्म के विरोध में एक धार्मिक संगठन इत्तिहाद-उल-मुस्लिमीन ने बंद का आह्वान किया था।यहां दिखा बंद का असरबडगाम, बारामूला और बांदीपोरा जिले के कई स्थानों पर बाजार और अन्य कारोबार बंद रहे जबकि कुछ अन्य क्षेत्रों में केवल आंशिक बंद रहा।स्कूल का प्रिंसिपल हिरासत मेंपुलिस ने सोमवार को एक निजी स्कूल के प्रिंसिपल को हिरासत में ले लिया, जिसने दुष्कर्म के आरोपित ताहिर अहमद मीर के लिए अवयस्क प्रमाणपत्र जारी किया था। ताहिर को गिरफ्तार किया जा चुका है।एसआईटी गठितपुलिस महानिदेशक दिलबाग सिंह ने कहा कि मामले की त्वरित जांच के लिए एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया है।छात्र, वकील, नेता सब एकजुटघटना को लेकर कश्मीर विश्वविद्यालय, केंद्रीय विश्वविद्यालय और इस्लामिक यूनिवर्सिटी ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी के छात्रों ने भी कक्षाओं का बहिष्कार कर प्रदर्शन किया। हाईकोर्ट बार असोसिएशन के सदस्य भी पीड़ित के प्रति एकजुटता की भावना दिखाते हुए अदालतों से दूर रहे। राज्य के पूर्व सीएम उमर अब्दुल्ला, महबूबा मुफ्ती और अलगाववादी नेताओं के साथ-साथ कई सामाजिक, धार्मिक और राजनीतिक समूहों ने भी घटना के प्रति अपना रोष जताया है।पत्थर मारकर मौत की सजा दी जाएराज्य की पूर्व सीएम महबूबा मुफ्ती इस घटना की निंदा करते हुए ट्विटर पर दोषियों को शरिया कानून का हवाला देते हुए पत्थर मारकर मौत की सजा देने की बात कह चुकी हैं।
Source: Navbharat Times May 14, 2019 00:56 UTC