Loksabha Election 2019 : राहुल गांधी के हलफनामे पर उठा सवाल, 22 को होगा फैसला - News Summed Up

Loksabha Election 2019 : राहुल गांधी के हलफनामे पर उठा सवाल, 22 को होगा फैसला


अमेठी, जेएनएन। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी द्वारा नामांकन के समय दाखिल किए गए हलफनामे पर चार प्रत्याशियों के अधिवक्ताओं ने गंभीर सवाल खड़े किए हैं। नामांकन पत्रों की जांच के पहले दिन राहुल गांधी के नामांकन के समय दाखिल किए गए हलफनामे पर नागरिकता, नाम व शैक्षिक डिग्री को लेकर लगे गंभीर आरोपों के बीच जिला निर्वाचन अधिकारी ने आगामी 22 अप्रैल को साक्ष्यों को देखने के बाद फैसला लेने की बात कही है।राहुल गांधी के अधिवक्ता के समय मांगे जाने पर जिला निर्वाचन अधिकारी डा. राम मनोहर मिश्रा ने उन्हें जवाब दाखिल करने के लिए दो दिन का समय दिया है। शनिवार को कलेक्ट्रेट में नामांकन पत्रों की जांच शुरू हुई तो काफी गहमागहमी का माहौल था। बहुजन मुक्ति पार्टी के प्रत्याशी अफजल वारिश सहित तीन निर्दल उम्मीदवार सुरेश चंद्र, धु्रवलाल व सुरेश कुमार शुक्ला ने राहुल गांधी के हलफनामे पर सवाल खड़े करते हुए जिला निर्वाचन अधिकारी को उनसे जुड़े साक्ष्यों का मोटा दस्तावेज सौंपते हुए नामांकन पत्र खारिज करने की मांग की।जगदीशपुर निवासी निर्दल उम्मीदवार ध्रुवलाल की ओर से अधिवक्ता रवी प्रकाश ने मीडिया से बात करते हुए राहुल गांधी की नागरिकता, शैक्षिक योग्यता व संपत्ति को लेकर दाखिल किए गए हलफनामे को गलत बताते हुए कार्रवाई की मांग की है। साक्ष्य दिखाते हुए अधिवक्ता ने कहा कि राहुल के पास ब्रिटिश की नागरिकता है। इंग्लैंड में उनके स्वामित्व वाली एक कंपनी भी थी। राहुल द्वारा दाखिल किए गए हलफनामे में इन बातों का जिक्र नहीं किया गया है। उन्होने कहा कि किसी अन्य देश का नागरिक भारत में चुनाव नहीं लड़ सकता है।उन्होंने राहुल द्वारा दाखिल किए गए शैक्षिक अभिलेखों में भी बड़ी गड़बड़ी होने की बात कही और उससे जुड़े साक्ष्य भी सार्वजनिक करते हुए कहा कि जिन वर्षों में राहुल गांधी ने जिन संस्थानों से शैक्षिक योग्यता हासिल करने का दावा किया है उन वर्षों में उन संस्थानों में राहुल गांधी नाम का कोई व्यक्ति शिक्षा ही नहीं ग्रहण किया है। चारो उम्मीदवारों की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए जिला निर्वाचन अधिकारी ने राहुल गांधी के अधिवक्ता राहुल कौशिक से जवाब मांगा तो उन्होंने आरोपों का खंडन करने के लिए दो दिन का समय दिए जाने की मांग की, जिस पर अगली तारीख 22 अप्रैल मुकर्रर की गई। इसी तारीख पर साक्ष्यों के जवाब के बाद जिला निर्वाचन अधिकारी द्वारा अंतिम फैसला लिया जाएगा।स्मृति ईरानी का नामांकन वैद्यभाजपा प्रत्याशी स्मृति जुबिन ईरानी के नामांकन के साथ दाखिल हलफनामे पर भी तीन उम्मीदवारों ने रोहित कुमार, सुरेश कुमार व अफजल वारसी ने अपनी आपत्ति दाखिल की और अलग अलग चुनावों में भिन्न-भिन्न शैक्षिक योग्यता बताए जाने की बात उठाई। हालांकि जाचोंपरांत जिला निर्वाचन अधिकारी ने स्मृति ईरानी का पर्चा वैद्य घोषित किया।Posted By: Anurag Gupta


Source: Dainik Jagran April 20, 2019 12:33 UTC



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