राज्य ब्यूरो, जम्मू। लोकसभा चुनाव के दौरान भले ही कांग्रेस, नेशनल कांफ्रेंस (नेकां) और पीडीपी भले ही अलग-अलग और एक-दूसरे के खिलाफ चुनाव मैदान में ताल ठोंकती नजर आती हों, मगर हर सीट पर गठजोड़ हैरान करने वाला है। नेशनल कांफ्रेंस और कांग्रेस तो कुछ सीट पर फ्रेंडली मैच का दावा भी कर रही थी लेकिन पीडीपी भी भीतर ही भीतर इस गठजोड़ में शामिल हो चुकी है।पीडीपी के साथ न कांग्रेस और न ही नेकां ने कोई प्रत्यक्ष समझौता किया है। बावजूद इसके पीडीपी ने जम्मू संभाग में अप्रत्यक्ष रूप से कांग्रेस का समर्थन करते हुए जम्मू-पुंछ और ऊधमपुर-कठुआ क्षेत्र से अपना प्रत्याशी ही नहीं उतारा। वहीं, श्रीनगर में कांग्रेस मैदान में नहीं उतरी तो पीडीपी ने डा. जितेंद्र सिंह से करीब 60 हजार वोटों से हारे थे, इस बार डॉ. कर्ण सिंह के पुत्र विक्रमादित्य सिंह कांग्रेस के उम्मीदवार हैं, उनके समर्थन में नेकां ने अपना उम्मीदवार नहीं उतारा है। वहीं पीडीपी ने गुपचुप तरीके से उन्हें समर्थन देते हुए मैदान से बाहर रहने का फैसला लिया। इस क्षेत्र में नेकां और पीडीपी का अपना जनाधार है और संप्रदाय के आधार पर वोटों का विभाजन इस इलाके में साफ नजर आता है। यही वजह है कि नेकां और पीडीपी मैदान से बाहर रहकर कांग्रेस के पक्ष में बैटिंग कर रहे हैं।कश्मीर में नेकां को कांग्रेस का समर्थनजम्मू में भाजपा के खिलाफ कांग्रेस के साथ गठजोड़ के बदले डा. फारूक अब्दुल्ला की श्रीनगर में राह आसान करने के लिए कांग्रेस का समर्थन लिया है। कांग्रेस के नेता उनके पक्ष में वहां प्रचार भी कर रहे हैं। पीडीपी ने भी यहां नेशनल कांफ्रेंस को परोक्ष समर्थन देते हुए आगा सैयद मोहसिन को उम्मीदवार बनाया है। अगर पीडीपी चाहती तो वह यहां से अशरफ मीर समेत पीडीपी के किसी बड़े नेता को उतार सकती थी। इससे डा. फारूक अब्दुल्ला को चुनौती मिलती और उसका फायदा पीपुल्स कांफ्रेंस के इरफान रजा अंसारी को होता। अंसारी और मेहदी दोनों ही शिया हैं।अंतिम समय कांग्रेस ने बदल दिया उम्मीदवारउत्तरी कश्मीर में जहां भाजपा के करीबी कहे जाने वाले सज्जाद गनी लोन की जीत को लेकर भी भी दावे किए जा रहे हैं और पीडीपी के अब्दुल क्यूम वानी के आधार को देखते हुए ही कांग्रेस ने नेकां के मोहम्मद अकबर लोन को फायदा पहुंचाने के लिए अंतिम समय में अपना उम्मीदवार बदल दिया। पहले सलमान सोज चुनाव लडऩे वाले थे जो नेकां के वोट बैंक में सीधे सेंध लगाते। उन्हें हटाकर फारूक मीर को उम्मीदवार बनाया गया है, जो पीडीपी, पीसी के वोट बैंक में सेंध लगाने में समर्थ है। बारामुला, बांडीपोर में उनका कोई आधार न होने के कारण फायदा सीधे नेशनल कांफ्रेंस को है।नेकां ने पीडीपी के उपहार का चुकाया बदलादक्षिण कश्मीर में श्रीनगर सीट पर डॉ.
Source: Dainik Jagran April 02, 2019 05:03 UTC