Dainik Bhaskar Apr 02, 2019, 10:26 AM ISTदोनों नक्सली लोकसभा चुनाव में बड़ी वारदात को अंजाम देने की साजिश रच रहे थेनक्सलियों ने पर्चे बांटकर लोगों से लोकसभा और विधानसभा के चुनावों का बहिष्कार करने को कहा थाधमतरी (छत्तीसगढ़). पुलिस ने खल्लारी थाना इलाके के आमझर जंगल से दो इनामी नक्सलियों को गिरफ्तार किया। डीआरजी (डिस्ट्रिक्ट रिजर्व ग्रुप) और एंटी स्पेशल टीम के नेतृत्व में पुलिस टीम को यह कामयाबी जंगल में लगातार 52 घंटे तक 40 किमी पैदल चलने के बाद मिली। 26 मार्च को इन नक्सलियों ने पर्चे बांटकर लोगों से लोकसभा और ओडिशा के विधानसभा चुनाव बहिष्कार करने की बात कही थी। ऐसी आशंका थी कि ये नक्सली लोकसभा चुनाव के दौरान गड़बड़ी फैला सकते थे। इनके पास से हथियार और गोला बारूद भी बरामद किया गया। राज्य में तीन चरणों (11 अप्रैल, 18 अप्रैल, 23 अप्रैल) में लोकसभा चुनाव हैं। वहीं, ओडिशा के लोकसभा चुनाव के साथ विधानसभा के चुनाव चार (11 अप्रैल, 18 अप्रैल, 23 अप्रैल और 29 अप्रैल) चरणों में होंगे। रिजल्ट 23 मई को आएंगे।पुलिस ने बताया कि सीतानदी एरिया कमांडर अजीत मोडियम और एरिया कमेटी सदस्य रामसू को गिरफ्तार किया है। अजीत पर 5 लाख 10 हजार और रामसू पर 1 लाख 10 हजार का इनाम घोषित किया गया था। दोनों ने मिलकर 7 साल में 22 वारदातों को अंजाम दिया था। दोनों लोकसभा चुनाव के दौरान पुलिस पार्टी और मतदान दलों को निशाना बनाने की फिराक में थे।ऐसे मिली पुलिस को सफलता : एसपी बालाजी राव ने बताया कि 30 मार्च को सुबह करीब 6 बजे स्पेशल टीम और डीआरजी (डिस्ट्रिक्ट रिजर्व ग्रुप) की संयुक्त पार्टी सर्चिंग पर खल्लारी के जंगल में गई थी। 31 मार्च को यह टीम सर्चिंग कर खल्लारी की ओर बढ़ी, तभी आमझर के पास नक्सलियों की संदिग्ध वस्तुएं मिलीं। पुलिस को संदेह हुआ कि सशस्त्र नक्सली जंगल में है। सर्चिंग पार्टी ने 2 अलग-अलग पार्टियां बनाईं। घेराबंदी की। इस बीच एक पगडंडी रास्ते पर गड्ढे दिखे और इलेक्ट्रिक वायर लंबी दूरी तक बिछी मिली। पुलिस पार्टी को देखकर वहां मौजूद 2 व्यक्ति भागते दिखाई दिए। फिर इन्हें पीछाकर गिरफ्तार किया गया।चुनाव में कर सकते हैं गड़बड़ी : पुलिस सूत्र बताते हैं कि नक्सली नगरी-सिहावा क्षेत्र में लोकसभा चुनाव में बड़ी वारदात को अंजाम देने के फिराक में हैं। कांकेर संसदीय क्षेत्र में सिहावा विधानसभा क्षेत्र आता है। इस क्षेत्र में 19 अति नक्सल संवेदनशील और 50 नक्सल संवेदनशील बूथ हैं।
Source: Dainik Bhaskar April 02, 2019 04:50 UTC