Lakhimpur Kheri : मातम में बदली होली, करंट लगने से महिला की मौत, तीन मासूम बच्चों के सिर से उठा मां का साया - News Summed Up

Lakhimpur Kheri : मातम में बदली होली, करंट लगने से महिला की मौत, तीन मासूम बच्चों के सिर से उठा मां का साया


Lakhimpur Kheri : मैलानी थाना क्षेत्र के कोठीपुर गांव में इस बार रंगों का त्योहार होली मातम में बदल गया। मंगलवार दोपहर करंट लगने से 30 वर्षीय कुसुमा देवी की दर्दनाक मौत हो गई। इस घटना से पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। वहीं पोस्टमार्टम प्रक्रिया में देरी को लेकर ग्रामीणों में प्रशासन के प्रति गहरा आक्रोश देखने को मिला। नाराज ग्रामीणों ने विरोध स्वरूप इस बार गांव में होली का त्योहार नहीं मनाया।जानकारी के अनुसार घटना मंगलवार दोपहर करीब 1:30 बजे की है। कोठीपुर गांव निवासी राहुल कुमार की पत्नी कुसुमा देवी घर पर अकेली थीं। वह घर के कामकाज में लगी थीं और कपड़े धोने के बाद उन्हें सूखने के लिए बाहर लगे तार पर डाल रही थीं। इसी दौरान वह अचानक तार में उतरे करंट की चपेट में आ गईं। तेज झटके से वह जमीन पर गिर पड़ीं और बेहोश हो गईं।कुछ देर बाद जब परिजनों को घटना की जानकारी हुई तो आनन-फानन में उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बांकेगंज ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। महिला की मौत की खबर फैलते ही परिवार में कोहराम मच गया और बड़ी संख्या में ग्रामीण भी अस्पताल पहुंच गए।सूचना मिलने पर मैलानी थानाध्यक्ष बृजेश मौर्य, बांकेगंज चौकी प्रभारी संतोष तिवारी तथा कुकरा चौकी इंचार्ज अबलीस पवार पुलिस बल के साथ अस्पताल पहुंचे और घटना की जानकारी ली। इस दौरान पोस्टमार्टम प्रक्रिया में देरी और अन्य व्यवस्थाओं को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ गई। बताया जाता है कि इस दौरान पुलिस और ग्रामीणों के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई।परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने रात में ही पोस्टमार्टम कराने का आश्वासन दिया था, लेकिन किसी कारणवश प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी। इसके चलते शव के लिए अगले दिन बुधवार तक इंतजार करना पड़ा। अंततः बुधवार दोपहर पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी की गई।बुधवार शाम करीब तीन बजे जब महिला का शव गांव पहुंचा तो पूरे गांव का माहौल गमगीन हो गया। हर तरफ रोने-बिलखने की आवाजें सुनाई दे रही थीं। इसके बाद शाम करीब पांच बजे गांव में अंतिम संस्कार कर दिया गया।कुसुमा देवी अपने पीछे तीन छोटे-छोटे बच्चों और पति को छोड़ गई हैं। अचानक हुई इस घटना से परिवार पूरी तरह टूट गया है। मासूम बच्चों के सिर से मां का साया उठ जाने से गांव के लोग भी बेहद भावुक नजर आए।ग्रामीणों का कहना है कि होली जैसे खुशी के त्योहार के बीच हुई इस दर्दनाक घटना और प्रशासनिक लापरवाही से पूरे गांव में शोक का माहौल रहा। इसी कारण इस बार ग्रामीणों ने होली का त्योहार न मनाने का निर्णय लिया और पूरे गांव में रंगों के बजाय सन्नाटा पसरा रहा।


Source: Dainik Bhaskar March 05, 2026 18:04 UTC



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