लगभग 50 साल पहले NASA के दो अंतिरक्षयात्री चंद्रमा पर गए थे और इसके बाद किसी ने चांद तक का सफर नहीं किया। वे अपोलो 17 लूनर मॉड्यूल से चांद पर पहुंचे थे। अब दुनिया के अमीरों में शुमार ऐमजॉन के मालिक जेफ बेजोस चांद पर सामान पहुंचाने की योजना बना रहे हैं। वह इंसानों को भी 2024 तक चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर भेजना चाहते हैं।गुरुवार को वॉशिंगटन डीसी में आयोजित एक कार्यक्रम में उन्होंने बताया कि ब्लू ओरिजिन के ब्लू मून यान के जरिए वह चांद पर जाने का सपना साकार करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि पिछले तीन साल से वह इस योजना पर काम कर रहे हैं। बेजोस ने कहा, 'चांद पर दक्षिणी ध्रुव 21 किलोमीटर चौड़ा मैदान है जहां प्रचुर मात्रा में वॉटर आइस है और धूप भी आती है।' उन्होंने बताया कि पानी से हाइड्रोजन को अलग करके ईंधन भी बनाया जा सकता है।उन्होंने बताया कि ब्लू मून हाइड्रोजन से चलेगा इसलिए चांद का आइस वॉटर इसमें काम आ सकता है। हाइड्रोजन फ्यूल वाले सेल चांदनी रात में चार्ज हो जाएंगे। यह यान 15,000 किलो का होगा जो चंद्रमा पर लैंड करते वक्त 3,100 किलो का ही रह जाएगा। इसमें एक बड़ा स्फेरिकल टैंक होगा और इसके लिए चार लैंडिंग पैड तैयार किए जाएंगे। हालांकि बेजोस ने इस प्रॉजेक्ट के पहले लॉन्च की तारीख नहीं बताई है। हालांकि उन्होंने कहा कि 2024 तक यह संभव हो सकता है।उन्होंने कहा, 'अब फिर से चांद पर जाने का समय है और वहां रुकना भी है।' ब्लू मून के पास पहले से छह ग्राहक हैं। इसमें कुछ अकादमिक संस्थान भी शामिल हैं। इसके अलावा भी जेफ बेजोस का ब्लू ओरिजिन दो बड़े प्रॉजेक्ट्स पर काम कर रही है। पहला 'न्यू शेफर्ड' है जिसमें रॉकेट के जरिए लोगों को अंतरिक्ष की सैर कराने की योजना है। उन्होंने कहा है कि 2021 तक यह प्रॉजेक्ट शुरू हो जाएगा। पिछले साल इसने पहली उड़ान भरी थी और अंतरिक्ष में लगभग 106 किलोमीटर तक गया था।
Source: Navbharat Times May 11, 2019 06:49 UTC