India is among a group of 15 high-risk countries where relaxing lockdowns could lead to a spike in new infections analysis by securities research firm Nomura has said. - News Summed Up

India is among a group of 15 high-risk countries where relaxing lockdowns could lead to a spike in new infections analysis by securities research firm Nomura has said.


नोमुरा ने इस स्टडी में 45 बड़ी इकोनॉमी वाले देशों को शामिल किया है45 देशों को ऑन ट्रैक, वार्निंग साइन और डेंजर जोन की कैटेगरी में रखा गयादैनिक भास्कर Jun 10, 2020, 04:49 PM ISTनई दिल्ली. भारत का नाम उन 15 देशों में शामिल है, जहां लॉकडाउन में ढील देने से कोरोना के मामले बढ़ने का जोखिम है। यह बात जापानी सिक्योरिटीज रिसर्च फर्म नोमुरा (Nomura) की रिपोर्ट में सामने आई है। इन 15 देशों में कोरोना की लहर दोबारा लौटने की आशंका जताई गई है।3 कैटेगरी के आधार पर की गई स्टडीनोमुरा ने इस रिसर्च में 45 देशाें को शामिल किया। इन देशों को 3 कैटेगरी में रखा गया। पहली- ऑन ट्रैक, दूसरी- वॉर्निंग साइन और तीसरी- डेंजर जोन की है। भारत को डेंजर जोन में रखा गया है।ऑन ट्रैक: इस कैटेगरी में ऑस्ट्रेलिया, फ्रांस, इटली, ऑस्ट्रिया, जापान, नॉर्वे, स्पेन, थाईलैंड, इटली, ग्रीस, रोमानिया, दक्षिण कोरिया जैसे 17 देश हैं। इन्हें ग्रीन कलर के साथ सेफ बताया गया है।इस कैटेगरी में ऑस्ट्रेलिया, फ्रांस, इटली, ऑस्ट्रिया, जापान, नॉर्वे, स्पेन, थाईलैंड, इटली, ग्रीस, रोमानिया, दक्षिण कोरिया जैसे 17 देश हैं। इन्हें ग्रीन कलर के साथ सेफ बताया गया है। वॉर्निंग साइन: इसमें डेनमार्क, फिनलैंड, हंगरी, आयरलैंड, पोलैंड, जर्मनी, अमेरिका और ब्रिटेन जैसे 13 देशों को शामिल किया गया है।इसमें डेनमार्क, फिनलैंड, हंगरी, आयरलैंड, पोलैंड, जर्मनी, अमेरिका और ब्रिटेन जैसे 13 देशों को शामिल किया गया है। डेंजर जोन: इसमें कुल 15 देश हैं। प्रमुख देशों में भारत, इंडोनेशिया, चिली, पाकिस्तान, ब्राजील, मैक्सिको का नाम है। इसमें कुछ बेहतर अर्थव्यवस्था वाले देश जैसे स्वीडन, सिंगापुर, दक्षिण अफ्रीका और कनाडा भी शामिल हैं।रिपोर्ट के मुताबिक, 17 देशों की अर्थव्यवस्थाएं ट्रैक पर हैं। उनमें वायरस फिर से आने के कोई संकेत नहीं हैं। 13 देशों में चेतावनी के संकेत दिखाई दिए हैं। वहीं, 15 देश सबसे ज्यादा जोखिम वाले जोन में हैं। यहां वायरस की दूसरी लहर आ सकती है।दो तरह के हालात बनेंगेस्टडी के मुताबिक, लॉकडाउन हटाने से दो तरह के हालात बनेंगे। पहला- किसी देश में गतिविधियां बढ़ेंगी, कारोबार दोबारा शुरू होगा, लेकिन रोजाना नए मामलों में मामूली बढ़ोतरी होगी। दूसरा- नतीजे बुरे हो सकते हैं। इसमें अर्थव्यवस्था को खोलने से रोजाना संक्रमितों के मामले बढ़ेंगे। जनता के बीच डर फैलेगा और लोगों की गतिविधियां प्रभावित होंगी। यहां लॉकडाउन को दोबारा लागू किया जा सकता है।देश में कोरोना के मामलेभारत में 25 मार्च को पहला लॉकडाउन लगाया गया था, जो अलग-अलग 4 फेज में 30 मई तक चला। अब देश में मॉल, धार्मिक स्थल, रेस्तरां खोलने की परमिशन दे दी गई है। ऐसे में संक्रमण के मामले तेजी से बढ़ने का खतरा है।


Source: Dainik Bhaskar June 10, 2020 07:13 UTC



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