India Petrol-Diesel Prices Stable - News Summed Up

India Petrol-Diesel Prices Stable


जवाब: बिल्कुल नहीं। ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट का कहना है कि यह एक सोची-समझी रणनीति है। उन्होंने X पर लिखा, "हम तेहरान के खिलाफ ही ईरानी बैरल का इस्तेमाल कर रहे हैं ताकि कीमतें कम रखी जा सकें।" अमेरिका का तर्क है कि यह तेल वैसे भी चोरी-छिपे चीन को बेचा जाता, इससे बेहतर है कि इसे वियतनाम या थाईलैंड जैसे अमेरिकी सहयोगी देश खरीद लें।सवाल 3: इस तेल की बिक्री से होने वाली कमाई का ईरान क्या करेगा? जवाब: अमेरिका ने साफ किया है कि ईरान के लिए इस कमाई को हासिल करना बहुत मुश्किल होगा। बेसेंट के मुताबिक, अमेरिका अंतरराष्ट्रीय बैंकिंग सिस्टम पर अपनी पकड़ बनाए रखेगा ताकि ईरान इस पैसे का इस्तेमाल न कर सके। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि तेल की कीमतें 33% तक बढ़ चुकी हैं, ऐसे में ईरान को कुछ न कुछ आर्थिक फायदा तो जरूर होगा।सवाल 4: क्या 14 करोड़ बैरल तेल दुनिया की जरूरत के लिए काफी है? जवाब: दुनिया का करीब 20% तेल इसी रास्ते से गुजरता है, जिसे ईरान ने लगभग बंद कर रखा है। ट्रम्प ने इसे लेकर कहा कि एक समय के बाद यह अपने आप खुल जाएगा। वह फिलहाल सैन्य उद्देश्यों को पूरा करने पर ज्यादा ध्यान दे रहे हैं और तेल की कमी को अस्थायी दर्द मान रहे हैं।सवाल 7: आगे क्या होगा? एक्सपर्ट्स की क्या राय है? जवाब: विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका के पास अब बहुत कम विकल्प बचे हैं। पूर्व अधिकारी लैंडन डेरेंट्ज़ के मुताबिक, स्थिति बहुत गंभीर है। अब या तो अमेरिका को किसी भी तरह स्ट्रैट ऑफ होर्मुज खुलवाना होगा या फिर और भी गंभीर आर्थिक परिणामों के लिए तैयार रहना होगा।नॉलेज बॉक्स: 'सेंक्शंस वेवर' क्या होता है?


Source: Dainik Bhaskar March 21, 2026 03:32 UTC



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