IPL से पहले ICL – कैसे एक ‘रिबेल लीग’ ने बदल दिया क्रिकेट का भविष्य - News Summed Up

IPL से पहले ICL – कैसे एक ‘रिबेल लीग’ ने बदल दिया क्रिकेट का भविष्य


Home / Cricket / IPL से पहले ICL – कैसे एक ‘रिबेल लीग’ ने बदल दिया क्रिकेट का भविष्यआज Indian Premier League दुनिया की सबसे बड़ी क्रिकेट लीग बन चुकी है, लेकिन इसकी कहानी यहीं से शुरू नहीं होती। इससे पहले Indian Cricket League नाम की एक लीग आई थी, जिसने सबसे पहले इस बदलाव की शुरुआत की।ICL ने T20 फ्रेंचाइज़ी क्रिकेट का सपना दिखाया, लेकिन खुद इतिहास में पीछे छूट गई।विचारICL के पीछे Subhash Chandra और उनकी कंपनी Zee Entertainment Enterprises का बड़ा रोल था।जब Zee को BCCI से ब्रॉडकास्टिंग राइट्स नहीं मिले, तब उन्होंने खुद की लीग शुरू करने का फैसला लिया। यह सोच काफी हद तक World Series Cricket से प्रेरित थी, जहां सिस्टम से बाहर जाकर नया रास्ता बनाया गया था।संरचनाICL का फॉर्मेट आज के IPL से काफी मिलता-जुलता था। इसमें शहर-आधारित टीमें थीं और इंटरनेशनल खिलाड़ियों को भी शामिल किया गया था।Chennai Superstars, Lahore Badshahs और Dhaka Warriors जैसी टीमें इस लीग का हिस्सा थीं, जो इसे एक इंटरनेशनल टच देती थीं।हालांकि, IPL की तरह इसमें प्लेयर ऑक्शन नहीं था और इसे आधिकारिक मान्यता भी नहीं मिली थी।समर्थनइस लीग को क्रिकेट के कई बड़े नामों का समर्थन मिला। Kapil Dev इसके ब्रांड एंबेसडर थे, जबकि Tony Greig और Dean Jones जैसे दिग्गज भी इससे जुड़े थे।यानी आइडिया और सपोर्ट दोनों मजबूत थे, लेकिन असली चुनौती अभी बाकी थी।टकरावICL की सबसे बड़ी समस्या थी Board of Control for Cricket in India का विरोध।BCCI ने इस लीग को अनधिकृत घोषित कर दिया और इसमें खेलने वाले खिलाड़ियों पर बैन लगा दिया।खिलाड़ियों के लिए यह बड़ा जोखिम था, क्योंकि ICL खेलने का मतलब इंटरनेशनल और घरेलू क्रिकेट से बाहर होना था।गिरावटलगातार विवाद और प्रतिबंधों के कारण ICL ज्यादा समय तक टिक नहीं पाई। 2009 तक यह लीग लगभग खत्म हो गई।हालांकि कुछ कानूनी राहत मिली, लेकिन BCCI की ताकत के सामने यह काफी नहीं था।IPLICL के बाद 2008 में Indian Premier League लॉन्च हुई।BCCI द्वारा संचालित IPL को पूरी आधिकारिक मान्यता मिली और इसमें बड़े स्पॉन्सर, सेलिब्रिटी ओनर और प्लेयर ऑक्शन जैसे नए फीचर्स जोड़े गए।इसी वजह से IPL तेजी से सफल हो गई और दुनिया की सबसे बड़ी लीग बन गई।सवालक्या ICL और IPL साथ-साथ चल सकते थे? शायद हां, लेकिन ICL के पास BCCI जैसी संस्थागत ताकत नहीं थी।क्रिकेट में सिर्फ आइडिया काफी नहीं होता, उसके साथ सिस्टम और पावर भी जरूरी होती है।विश्लेषणIndian Cricket League को अक्सर एक रिबेल लीग कहा जाता है, लेकिन असल में वही IPL की नींव थी।उसने जोखिम लिया, नया मॉडल पेश किया और दिखाया कि T20 लीग का भविष्य कितना बड़ा हो सकता है।आज IPL जिस मुकाम पर है, उसमें ICL की छाप साफ दिखाई देती है।यह कहानी हमें सिखाती है कि हर बड़ी सफलता के पीछे कोई न कोई अनसुना प्रयास जरूर होता है। IPL भले ही आज चमक रहा हो, लेकिन उस रोशनी की पहली चिंगारी ICL ने ही जलाई थी।FAQs


Source: Dainik Jagran April 07, 2026 21:20 UTC



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