नई दिल्ली, प्रेट्र। मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने देश के प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग संस्थानों की एक सूची कुवैत प्रशासन को भेजी है। मंत्रालय ने यह कदम खाड़ी देशों द्वारा लिए गए उस निर्णय के बाद उठाया है, जिसमें उसने सिर्फ NBA स्वीकृत कोर्सो को मान्यता देने की बात कही थी। बता दें कि इसके चलते आइआइटी ग्रेजुएट सहित हजारों भारतीय इंजीनियरों की नौकरी पर संकट मंडराने लगा है।दरअसल, पिछले साल कुवैत के मानव संसाधन मंत्रालय ने एक सर्कुलर जारी करते हुए कहा था कि श्रम विभाग तब तक किसी भी अप्रवासी इंजीनियर को वर्क परमिट जारी नहीं करेगा जब तक वे कुवैत इंजीनियर्स सोसाइटी से अनापत्ति प्रमाण पत्र प्राप्त नहीं करते हैं। भारतीय इंजीनियरों को एनओसी तभी जारी होती है जब उनके पाठ्यक्रम को राष्ट्रीय प्रत्यायन बोर्ड (NBA) द्वारा मान्यता दी गई हो।मानव संसाधन मंत्रालय के एक अधिकारी ने कहा, 'हाल ही में एक प्रतिनिधिमंडल कुवैत गया था। वहां के अधिकारियों से चर्चा के बाद गैर-एनबीए प्रमुख संस्थान और राष्ट्रीय महत्व के संस्थानों की सूची कुवैत स्थित भारतीय दूतावास भेजी जा चुकी है।' मालूम हो कि आइआइटी, आइआइएससी ने अपने इंजीनियिरंग पाठ्यक्रमों के लिए MBA से कभी मान्यता नहीं ली है जबकि कई राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थानों (NIT) को भी अपने बीटेक पाठ्यक्रमों के लिए उससे मान्यता नहीं मिली है।Posted By: Dhyanendra Singh
Source: Dainik Jagran June 30, 2019 16:18 UTC