Haryana assembly elections: हरियाणा चुनाव में समर्थन पर अभी डेरों ने नहीं बनाया है मन, फीकी दिख रही है चमक - dera's not decided their support in haryana elections - News Summed Up

Haryana assembly elections: हरियाणा चुनाव में समर्थन पर अभी डेरों ने नहीं बनाया है मन, फीकी दिख रही है चमक - dera's not decided their support in haryana elections


हरियाणा में विधानसभा चुनावों की तारीखें नजदीक आ रही हैं। हालांकि अभी तक यहां के डेरों और धार्मिक गुरुओं के संगठनों ने किसी खास पार्टी के पक्ष में अपनी संबद्धता नहीं जताई है। इनमें से कई संगठन मतदाताओं को प्रभावित करने के लिए जाने जाते हैं और लगभग सभी राजनीतिक पार्टियों के नेता इनका समर्थन मांगते रहे हैं। लेकिन इस चुनाव में अब तक डेरों और धार्मिक गुरुओं की भूमिका काफी सीमित दिखी है।गुरमीत राम रहीम के डेरा सच्चा सौदा में राजनीतिक मामलों को देखने के लिए एक 15 सदस्यों की कमेटी है। चुनाव में किस राजनीतिक पार्टी को समर्थन देना है, इसका फैसला यह कमेटी ही करती है। गुरमीत राम रहीम रेप केस में दोषी ठहराए जाने के बाद से जेल में है। कमेटी के एक सदस्य जोगिंदर सिंह ने बताया, 'हम पूरे राज्य में संगत के जरिए लोगों की राय ले रहे हैं। इस प्रक्रिया के पूरा होने के बाद हम देखेंगे की ज्यादातर लोग किस पार्टी को पसंद कर रहे हैं और बाद में हम उसे समर्थन देने का ऐलान करेंगे। अगर हम चुनाव के एक दिन पहले भी ऐलान करेंगे तो यह हमारे अनुयायियों को निर्देश देने के लिए काफी होगा।'सतलोक आश्रम नाम से एक राज्य में एक और डेरा चलाने वाले गुरु रामपाल भी नवंबर 2014 से जेल में है। रामपाल की गिरफ्तारी के दौरान समर्थकों की ने हिंसक प्रदर्शन किया था। इस लोकसभा चुनाव के दौरान डेरा ने कांग्रेस को समर्थन देने का ऐलान किया था। मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव के दौरान भी डेरा ने कांग्रेस को ही समर्थन दिया था। गुरु रामपाल के डेरे के मीडिया प्रभारी चांद राठी ने बताया, 'लोकसभा और विधानसभा चुनावों में मुद्दे अलग रहते हैं। 15 अक्टूबर को हमारे सदस्यों की एक बैठक है। हम अपने सभी सदस्यों और अनुयायियों की राय लेने के बाद ही किसी को समर्थन देने का ऐलान करेंगे।'राठी ने दावा किया कि रोहतक के आस-पास की सीटों पर रामपाल के अनुयायियों का अच्छा-खासा प्रभाव है। उन्होंने बताया, 'बाकी सीटों की बात करें तो लगभग हर विधानसभा सीट में हमारे पास 5 से 6 हजार मतदाता हैं। कांटे की लड़ाई वाली सीटों पर यह वोट बैंक जीत-हार तय करने में निर्णायक भूमिका निभा सकता है। मध्य प्रदेश में हमारे करीब 28 लाख अनुयायी हैं और इन्होंने विधानसभा चुनाव के दौरान अहम भूमिका निभाई थी।'इन दो डेरों के अलावा कई और छोटे डेरे भी राज्य में हैं, जिनका हरियाणा के कुछ खास इलाकों में प्रभाव हैं। डेरा बाबा श्री बालक पुरी के बालक करण पुरी ने बताया कि वह अपने अनुयायियों को किसी खास पार्टी के पक्ष में वोट देने के लिए नहीं कहते। उनके डेरा का पंजाबी समुदाय में अच्छा प्रभाव माना जाता है और यहां ज्यादातर बीजेपी के नेता आते हैं।रोहतक में गौकरण धाम नाम का एक और डेरा है, जिसका रोहतक, गोहना और इसके सटे इलाकों में रहने वाले पंजाबी समुदाय पर अच्छा प्रभाव माना जाता है। डेरे के मुखिया बाबा कपिल पुरी को कांग्रेस नेता भूपिंदर सिंह हुड्डा का समर्थक माना जाता है। हालांकि इस चुनाव में उन्होंने बीजेपी को समर्थन देने का संकेत दिया है।


Source: Navbharat Times October 11, 2019 01:41 UTC



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