Gold Rate Today in india: पहले गिरी और फिर तेजी से बढ़ने लगी सोने की कीमत, जानिए ताजा रेट - News Summed Up

Gold Rate Today in india: पहले गिरी और फिर तेजी से बढ़ने लगी सोने की कीमत, जानिए ताजा रेट


घंटे भर की मुहूर्त ट्रेडिंग में भी बढ़ा था सोना दिवाली के दिन सोने-चांदी में शानदार बढ़त देखने को मिली। वैसे तो दिवाली के दिन बाजार बंद रहते हैं, लेकिन एमसीएक्स पर 1 घंटे के स्पेशल मुहूर्त ट्रेडिंग होती है, जिस दौरान लोग शगुन के तौर पर सोना-चांदी खरीदते हैं। इस दौरान की गई ट्रेडिंग को लोग बेहद शुभ मानते हैं। इस 1 घंटे की मुहूर्त ट्रेडिंग में सोना 0.25 फीसदी यानी करीब 300 रुपये बढ़कर 51,050 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर पहुंच गया, जबकि चांदी में 0.32 फीसदी यानी करीब 1000 रुपये की बढ़त देखने को मिली, जिसके बाद चांदी का नया भाव 63,940 रुपये प्रति किलो (Silver Price Today) हो गया।देखिए ऑल टाइम हाई से कितना गिरे सोना-चांदी 7 अगस्त 2020, ये वो दिन था जब सोने-चांदी ने एक नया रेकॉर्ड बनाया। सोने और चांदी दोनों ने ही अपना ऑल टाइम हाई छुआ। 7 अगस्त को सोने ने 56,200 रुपये प्रति 10 ग्राम का ऑल टाइम हाई का स्तर छुआ था, जबकि चांदी ने 77,840 रुपये प्रति किलो का स्तर छुआ था। सोना अब तक करीब 5500 रुपये प्रति 10 ग्राम गिरा है, जबकी चांदी करीब 14 हजार रुपये प्रति किलो तक गिर चुकी है।क्या सोना कोरोना काल से पहले की स्थिति में लौट आएगा? कोरोना वायरस की वजह से शेयर बाजार में एक तगड़ी गिरावट देखने को मिली थी। समय बीतने के साथ-साथ शेयर बाजार उस तगड़ी गिरावट से लगातार उबर रहा है। दुनिया भर के अधिकतर शेयर बाजार कोरोना की वजह से आई गिरावट से मजबूती से लड़ते हुए रिकवर कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर सोना (today gold price) अपना ऑल टाइम हाई छू कर वापस आ चुका है। आए दिन सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। अब सवाल ये उठता है कि क्या सोना भी कोरोना काल से पहले वाली स्थिति में लौट आएगा, क्योंकि ये ट्रेंड देखा गया है कि शेयर बाजार मजबूत होता है तो सोना कमजोर होता है और इसका उल्टा भी होता है। तो क्या सोना अभी और सस्ता होगा, क्योंकि जनवरी में सेंसेक्स 41 हजार के करीब था, तब सोने की कीमत भी 41 हजार के करीब थी।67 हजार रुपये तक जा सकता है सोना मोतीलाल ओसवाल फाइनेंसियल सर्विसेज के अनुसार सोने का भाव लंबी अवधि में 65-67 हजार रुपये प्रति दस ग्राम तक जा सकता है। फर्म की रिपोर्ट में कहा गया है कि सोने की मांग तीसरी तिमाही में 30 प्रतिशत गिरने के बाद चौथी तिमाही में वापस बढ़ने की संभावना है, क्योंकि इस दौरान आभूषणों की खरीदारी में तेजी आएगी। रिपोर्ट में अनुमान है कि अमेरिकी चुनाव के बाद आने वाले कुछ महीने सोने की कीमत को तय करने के लिए महत्वपूर्ण होंगे और इस दौरान केंद्रीय बैंकों का रुख, कम ब्याज दर, कोविड-19 महामारी का प्रभाव और अन्य चिंताएं कीमतों को प्रभावित कर सकती हैं, हालांकि सर्राफा के लिए संभावनाएं अच्छी हैं।कोरोना काल में सोना बना वरदान सोना गहरे संकट में काम आने वाली संपत्ति है, मौजूदा कठिन वैश्विक परिस्थितियों में यह धारणा एक बार फिर सही साबित हो रही है। कोविड-19 महामारी और भू-राजनीतिक संकट के बीच सोना एक बार फिर रिकॉर्ड बना रहा है और अन्य संपत्तियों की तुलना में निवेशकों के लिए निवेश का बेहतर विकल्प साबित हुआ है। विश्लेषकों का मानना है कि उतार-चढ़ाव के बीच सोना अभी कम से कम एक-डेढ़ साल तक ऊंचे स्तर पर बना रहेगा। दिल्ली बुलियन एंड ज्वेलर्स वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष विमल गोयल का मानना है कि कम एक साल तक सोना उच्चस्तर पर रही रहेगा। वह कहते हैं कि संकट के इस समय सोना निवेशकों के लिए ‘वरदान’ है। गोयल मानते हैं कि दिवाली के आसपास सोने में 10 से 15 प्रतिशत तक का उछाल आ सकता है।


Source: Navbharat Times November 17, 2020 04:30 UTC



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