अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना गिरावट के साथ 1,802 डॉलर प्रति औंस रह गया गया, जबकि चांदी 24.30 डॉलर प्रति औंस पर लगभग अपरिवर्तित रही। एचडीएफसी सिक्योरिटीज के वरिष्ठ विश्लेषक (जिंस) तपन पटेल ने कहा, ‘‘मंगलवार को न्यूयॉर्क स्थित जिंस एक्सचेंज कॉमेक्स में सोने की हाजिर कीमत 0.27 प्रतिशत की गिरावट के साथ 1,802 डॉलर प्रति औंस रह गयी। डॉलर के मजबूत होने और अमेरिकी बॉन्ड आय में वृद्धि होने के कारण सोने की कीमतों दबाव रहा।’’सोना वायदा कीमतों में गिरावट कमजोर हाजिर मांग के बीच सटोरियों ने अपने सौदों के आकार को कम किया, जिससे स्थानीय वायदा बाजार (Future Trade) में मंगलवार को सोने का भाव गिर गया। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज में दिसंबर महीने की डिलीवरी के लिए सोने की कीमत 62 रुपये यानी 0.13 प्रतिशत घटकर 48,138 रुपये प्रति 10 ग्राम रह गई। इसमें 11,251 लॉट के लिए कारोबार हुआ।चांदी वायदा का हाल कारोबारियों द्वारा अपने सौदों का आकार घटाने से वायदा कारोबार में मंगलवार को चांदी की कीमत (Silver Future Price) गिर गई। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (Multi Commodity Exchange) में चांदी के दिसंबर डिलीवरी वाले वायदा अनुबंध का भाव 352 रुपये यानी 0.53 प्रतिशत घटकर 65,787 रुपये प्रति किलो रह गया। इस वायदा अनुबंध में 10,016 लॉट के लिए सौदे किए गए।आगे कीमतों को लेकर क्या अनुमान जानकारों का मानना है कि साल के अंतिम महीनों में सोने की कीमत रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच सकती है। कच्चे तेल (Crude Oil) की बढ़ रही कीमतों से महंगाई बढ़ने की चिंता सोने के लिए उत्प्रेरक का काम कर सकती है। इसके अलावा त्योहारों का सीजन (Festive Season) चल रहा है और इसके बाद शादी ब्याह का सीजन शुरू होगा। ये दो कारक भी सोने की कीमत को पुश कर सकते हैं।पहली छमाही में आयात कई गुना बढ़ा देश का सोने का आयात चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही अप्रैल-सितंबर, 2021 के दौरान कई गुना बढ़कर 24 अरब डॉलर पर पहुंच गया। देश में सोने की मांग बढ़ने से आयात बढ़ा है। इस साल सितंबर में सोने का आयात भी कई गुना बढ़कर 5.11 अरब डॉलर हो गया। सितंबर, 2021 में यह 60.14 करोड़ डॉलर रहा था। त्योहारों और शादियों के सीजन की मांग के कारण आने वाले महीनों में देश के सोने के आयात में और वृद्धि होने की उम्मीद है।
Source: Navbharat Times October 27, 2021 02:37 UTC