Fake Alert: गर्मी में गाड़ी का टैंक फुल रखा तो हो जाएगा धमाका? - News Summed Up

Fake Alert: गर्मी में गाड़ी का टैंक फुल रखा तो हो जाएगा धमाका?


दावासोशल मीडिया पर ‘इंड‍ियन ऑयल’ के हवाले से एक चेतावनी खूब वायरल हो रही है। इसमें कहा गया है कि गर्मी के मौसम में गाड़‍ियों की टंकी को कभी भी पूरा ना भरवाएं, क्‍योंकि इससे फ्यूल टैंक यानी तेल की टंकी में विस्‍फोट हो सकता है। वॉट्सऐप पर इस चेतावनी को लोग खूब शेयर कर रहे हैं।चेतावनी की जो तस्‍वीर शेयर की जा रही है, वह देखने में हूबहू ‘इंडियन ऑयल’ की ओर से जारी पोस्‍टर जान पड़ता है। इसमें लिखा गया है कि यदि गाड़ी के तेल की टंकी को अध‍िकतम सीमा तक भरवाया जाता है, तो गर्मी के मौसम में यह धमाके का कारण बन सकता है। इतना ही नहीं, सलाह दी गई है कि दिन में कम से कम एक बार टंकी को खोला जाए ताकि उसमें ‘जमा गैस बाहर निकल सके।’यह रही वायरल हो रही तस्‍वीर-अफवाह यह है कि पूरी तरह भरे होने की स्‍थ‍िति में तेल की टंकी में गर्मी के मौसम में खुद-ब-खुद विस्‍फोट हो सकता है। मजेदार बात यह भी है कि यह फोटो इंटरनेट पर कई वर्षों से चली आ रही है।सच्‍चाईजिस पोस्‍टर को इंडियन ऑयल की चेतावनी बताकर शेयर किया जा रहा है, वह फर्जी है। ऐसा इसलिए कि ऐसे दावे का कोई आधार नहीं है।‘इंडियन ऑयल’ ने खुद 10 जून 2018 को ट्वीट कर इस ओर पुष्‍ट‍ि की थी। कंपनी ने बताया कि उसकी ओर से ऐसी कोई चेतावनी जारी नहीं की गई है। ‘इंडियन ऑयल’ ने कहा, ‘सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाई जा रही है कि इंडियन ऑयल ने ऐसी कोई चेतावनी जारी की है कि गर्मी बढ़ने के कारण पेट्रोल फ्यूल टैंक में अध‍िकतम सीमा तक तेल ना भरवाई जाए। ऐसा करने से तेल की टंकी में धमाका हो सकता है। यदि आप पेट्रोल भरवा रहे हैं तो आधी टंकी ही भरवाए और आधे को हवा के लिए खाली छोड़ दें।’‘इंडियन ऑयल का ऐसे किसी बयान या चेतावनी से कोई नाता नहीं है। ऑटोमोबाइल मैनुफैक्‍चरर कंपिनयां हर जरूरत के हिसाब से गाड़‍ियां बनाती हैं। इसमें सभी सुरक्षा मानदंडों का पूरा खयाल रखा जाता है। लिहाजा, इसके तहत फ्यूल टैंक में पेट्रोल या डीजल की अध‍िकतम सीमा भी शामिल है। ऐसे में टंकी को अध‍िकतम सीमा तक भरवाने में भी कोई समस्‍या नहीं है, फिर चाहे सर्दी हो या गर्मी।’ट्विटर पर “@IndianOilCl: rumour” कीवर्ड सर्च करते ही इंडियन ऑयल के इस ट्वीट से सामना हो जाता है। यह ट्वीट कंपनी ने 2018 के जून महीने में ही किया था।वैसे, जानकारी के लिए बता दें कि वह तापमान जिस पर पेट्रोल या डीजल स्‍वत: जलने लगेंगे या वह न्‍यूनतम तापमान जिस पर दोनों गैस में बदलकर वाष्‍प बन सकते हैं वह क्रम से 246 डिग्री सेल्‍सियस और 210 डिग्री सेल्‍सियस है। यकीनन यह देश के किसी भी हिस्‍से में गर्मियों में सबसे अध‍िक रिकॉर्डेड तापमान से कई गुना अध‍िक है। ऐसे में टैंक में अपने-आप आग लगने और विस्‍फोट जैसी बात बेमानी है। इतना ही नहीं, किसी भी गाड़ी का फ्यूल टैंक प्रेशर सेंसर से लैस होता है। यह इवापोरेटिव इमिसन सिस्‍टम (EVAP) यानी वाष्पीकरणीय उत्सर्जन प्रणाली का हिस्‍सा है, जो तेल की टंकी में दबाव और वाष्‍प‍ीकरण से लीक जैसी समस्‍या की पहचान करता है।निष्‍कर्षटाइम्‍स फैक्‍ट चेक की टीम ने पाया कि ‘इंडियन ऑयल’ ने ऐसी कोई चेतावनी जारी नहीं की है, जिसमें कहा गया हो कि गर्मी के मौसम में तेल की टंकी को फुल नहीं किया जाए, क्‍योंकि ऐसा करने से तापमान बढ़ने पर उसमें विस्‍फोट हो सकता है। वॉट्सऐप और दूसरे सोशल मीडिया प्‍लेटफॉर्म्‍स पर जो एडवाइजरी शेयर की जा रही है, वह दिखने में भले ही कंपनी जैसी हो, लेकिन मामला फर्जी है।


Source: Navbharat Times April 02, 2019 11:15 UTC



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