ईद का मौका हो और शायरी (Eid Shayari) के जरिए एक-दूसरे को बधाई ना दी जाए, ऐसा कैसे हो सकता है! इस मीठी ईद के मौके पर मुबारकबाद सिर्फ सादे मैसेज और स्टेटस से देने के बजाय आप यहां दी गई शायरी से करें. बता दें, इस बार मीठी ईद 5 या 6 जून को है. इसलिए यहां दी गई शायरी को अभी से रट लें, ताकि ईद की मुबारकबाद इन शायरी के साथ बोल सकें. आई ईद व दिल में नहीं कुछ हवा-ए-ईदऐ काश मेरे पास तू आता बजाए ईदईद का चांद तुम ने देख लियाचाँद की ईद हो गई होगीईद का दिन है गले आज तो मिल ले ज़ालिमरस्म-ए-दुनिया भी है मौक़ा भी है दस्तूर भी हैआज यारों को मुबारक हो कि सुब्ह-ए-ईद हैराग है मय है चमन है दिलरुबा है दीद हैईद आई तुम न आए क्या मज़ा है ईद काईद ही तो नाम है इक दूसरे की दीद काईद के दिन सब मिलेंगे अपने अपने महबूब सेहम गले मिल मिल के रोएंगे दर -ओ -दीवार सेतुम वो दुआ हो जिसके मांगने के बादयह दुआ भी मांगी जाती है के यह किसी और के हक़ में कबूल न होऐ हवा तू ही उसे ईद-मुबारक कहियोऔर कहियो कि कोई याद किया करता हैदेखा हिलाल-ए-ईद तो आया तेरा ख़यालवो आसमाँ का चांद है तू मेरा चांद हैहै ईद का दिन आज तो लग जाओ गले सेजाते हो कहां जान मिरी आ के मुक़ाबिल
Source: NDTV June 03, 2019 23:26 UTC