12,000 तक पहुंच सकता है डेली कोरोना केस का आंकड़ा जैसे-जैसे तापमान कम हो रहा है, दिल्ली में सर्दी के साथ साथ कोविड संक्रमण के मामले भी बढ़ रहे हैं। हालात ऐसे हैं कि पिछले कुछ दिनों से दिल्ली में रोजाना 5 हजार मरीज सामने आ रहे हैं और आने वाले दिनों में यह संख्या 12 हजार तक पहुंच सकती है। बीमारी के फैलाव के इस स्तर को देखते हुए अब दिल्ली सरकार ने एक बार फिर से कोविड मैनेजमेंट को और बेहतर करने की तैयारी शुरू कर दी है और बेड बढ़ाने की कवायद तेज हो गई है। यही नहीं, केंद्र सरकार के साथ मिलकर इस महामारी से निपटने में जुट भी गई है। पिछले दिनों की तरह इस बार भी दिल्ली में कोविड मैनेजमेंट में प्राइवेट अस्पतालों का महत्वपूर्ण योगदान होगा, इसलिए सरकार प्राइवेट के साथ हाथ मिलाकर काम करने का फैसला किया है।तेजी से भर रहे कोविड बेड लोकनायक जयप्रकाश नारायण (LNJP) अस्पताल के मेडिकल डायरेक्टर डॉ. सुरेश कुमार का कहना है कि नए केस में तेज वृद्धि के कारण बेडों की डिमांड में भी तेजी आई है और बेड तेजी से भरने लगे हैं। उन्होंने कहा, 'हमारे पास पिछले दो-तीन दिनों से हर दिन 90 से 100 कोविड मरीज आ रहे हैं। अगस्त महीने में हर दिन 30 से भी कम मरीज आते थे।' दिल्ली के अस्पतालों का ओवरऑल डेटा बताता है कि 68% वेंटिलेटर वाले बेड और 70% बिना वेंटिलेटर के आईसीयू बेड मरीजों से भरे हैं।करीब 132 अस्पतालों में कोविड का इलाज, 15,780 बेड रिजर्व दिल्ली में अभी कुल 15,780 कोविड के लिए रिजर्व बेड हैं। लगभग 132 अस्पतालों में कोविड का इलाज हो रहा है, जिसमें बड़ी संख्या में प्राइवेट अस्पताल भी शामिल हैं। हालांकि, दिल्ली में इस समय लगभग 33 हजार ऐक्टिव मरीज हैं, लेकिन इसमें से केवल 6,809 मरीज को ही इलाज की जरूरत हो रही है, यानी अभी भी 56 पर्सेंट बेड खाली है। इसी प्रकार 1,244 वेंटिलेटर बेड में से 405 बेड यानी लगभग 32 पर्सेंट वेंटिलेटर बेड खाली हैं, बावजूद इसके दिल्ली आपदा प्रबंधन अथॉरिटी (DDMA) ने आने वाले दिनों में संक्रमण बढ़ने की संभावना को देखते हुए और तैयारी करने को कहा है। औसतन 12 हजार पॉजिटिव मरीज की संभावना को देखते हुए तैयारी की जा रही है।5,000 अतिरिक्त बेड का करना होगा इंतजाम स्वास्थ्य विभाग के सूत्रों का कहना है कि 12 हजार मरीज रोज आते हैं तो कम-से-कम 20 हजार बेड की जरूरत होगी, इसके अनुसार करीब पांच हजार बेड्स का और इंतजाम करना होगा, जिसके लिए बनाए गए ब्लूप्रिंट पर काम शुरू हो गया है। दिल्ली सरकार के अस्पतालों में 1,558 अतिरिक्त बेड बढ़ा रहे हैं। इसके अलावा केंद्र सरकार के अस्पतालों में 1,092 अतरिक्त बेड बढ़ाने को कहा गया है। प्राइवेट अस्पतालों में 2,241 बेड्स बढ़ाने पर काम शुरू हो गया है।जो हासिल किया, वो हाथ से न निकल जाए कोविड एक्सपर्ट और नीति आयोग के सदस्य डॉक्टर वीके पॉल ने कहा कि हमें चिंता इस बात की है कि अब तक हमने कोरोना को नियंत्रित करने में जो हासिल किया है, कहीं वह हाथ से न निकल जाए। ठंड और त्योहार इसकी बड़ी वजह हो सकते हैं। इससे नया पीक आ सकता है। उन्होंने कहा कि पीक को हम सब रोक सकते हैं। हमें इन तीनों बचाव पर अमल करना होगा। डॉक्टर वीके पॉल ने कहा कि अब अगर किसी को खांसी या जुकाम है, तो वह अपनी कोविड जांच कराए। हो सकता है कि उन्हें दूसरी कोई दिक्कत हो। डॉक्टर पॉल ने कहा कि एक पॉजिटिव केस मिस हो जाता है तो उससे संक्रमण की एक बड़ी चेन बन सकती है। सैकड़ों लोग संक्रमित हो सकते हैं। इस चेन को तोड़ना है तो अपनी जांच जरूर कराएं।मास्क के साथ मनाने होंगे त्योहार डॉक्टर वीके पॉल ने कहा कि दशहरा बीत गया है। बहुत हद तक लोगों ने संयम बरता है। अभी तक का जो डेटा आया है, उससे कोरोना नियंत्रण में दिख रहा है। लेकिन हमारे सामने अभी कई और त्योहार आने वाले हैं। इसमें दिवाली, क्रिसमस, ईद और गुरुपर्व हैं। डॉक्टर पॉल ने कहा कि लोगों ने संयम बरता है। हमें और संयम बरतना होगा, तभी सुधार होगा। डॉ. पॉल ने कहा कि आने वाले सभी पर्व हमें मास्क के साथ मनाने होंगे। डॉक्टर पॉल ने कहा कि मास्क एक बहुत बड़ा प्रॉटेक्शन है। यह सुरक्षा कवच और वैक्सीन की तरह है। पूरी दुनिया में मास्क का उपयोग, हाथ धोना और सोशल डिस्टेंसिंग के जरिए ही कोरोना को हराया जा रहा है। इस सब में मास्क सबसे ज्यादा जरूरी है। वहीं, आईसीएमआर के डीजी बलराम भार्गव ने कहा कि इस वायरस के खिलाफ सबसे सस्ता और बेहतर उपाय मास्क लगाना, हाथ धोना और सोशल डिस्टेंसिंग है। इससे अच्छा और सस्ता बचाव कुछ नहीं है। जरूरत है कि लोग ज्यादा-से-ज्यादा इसे अपनाएं।लॉन्च हुई IIT दिल्ली की सस्ती कोविड-19 जांच किट कोविड-19 की जांच के लिए आईआईटी दिल्ली ने टेस्टिंग की सुविधा लॉन्च की है। आईआईटी दिल्ली की तकनीक से तैयार किए गए इस आरटी-पीसीआर टेस्टिंग किट के लिए लोगों को सिर्फ 1,200 रुपये देने होंगे। प्राइवेट लैब में इस टेस्ट की कीमत 2,400 रुपये है। आईआईटी दिल्ली की इस टेस्टिंग तकनीक को आईसीएमआर से मंजूरी मिली है। आईआईटी दिल्ली गेट नंबर-1 के पास आईआईटी मेट्रो स्टेशन गेट-नंबर 3 पर लगे इस कैंप को जेआईटीएम स्किल्स प्राइवेट लिमिटेड ने लगाया है। कंपनी सुबह 7 से शाम 7 बजे तक रोज सैंपल जमा करेगी। 24 घंटे के अंदर रिपोर्ट दी जाएगी। इसके लिए डॉक्टर का प्रिसक्रिप्शन और अपॉइंटमेंट की जरूरत नहीं होगी। इंस्टिट्यूट के कर्मचारी और आम जनता के लिए रखी गई इस सुविधा का मंगलवार को आईआईटी दिल्ली के डायरेक्टर प्रोफेसर वी राम गोपाल राव ने उद्घाटन किया।
Source: Navbharat Times November 04, 2020 04:04 UTC