कोरोना वैक्सीन पर मॉडर्ना, फाइजर का अलग फॉर्म्युला मॉडर्ना और फाइजर कोविड-19 वायरस की जगह सिंथेटिक जेनेटिक मटीरियल का प्रयोग कर रही है। जिसे मैंसेजर RNA या 'mRNA' कहा जाता है। यह शरीर की रोगप्रतिरोधक वायरस से लड़ने के लिए ट्रेंड करती है। रोगप्रतिरोधक विकसित होने के बाद शरीर की सेल्स कोरोनावायरस को बढ़ाने वाली प्रोटीन की Copies बना लेती है जो प्रतिरोधक क्षमता को कोरोनावायरस प्रोटीन पर हमला करने का संकेत देती है। कई तरह की ऐसी ही वैक्सीन अन्य बीमारियों को लिए बनाई जा रही है लेकिन कोई भी अभी अप्रूव नहीं हो पाई है।10 कंपनियां हैं वैक्सीन की रेस में मॉडर्ना और फाइजर के अलावा 8 और कंपनियां वैक्सीन की रेस में शामिल हैं और सभी ट्रायल के तीसरे चरण में हैं। बता दें कि अमेरिका में 50 फीसदी तक सफल वैक्सीन को वहां की फूड और ड्रग एडमिनस्ट्रेशन (FDA) अप्रूवल दे देती है। ऐसे में अमेरिका की दो कोरोना वैक्सीन जल्द ही बाजार में उपलब्ध हो सकती है। अमेरिका की सरकार ने दोनों कंपनियों से 100 मिलियन डोज खरीदने का करार कर चुकी है।
Source: Navbharat Times November 18, 2020 03:07 UTC